
Rajasthan CM Bhajanlal Sharma Govardhan Giriraj Parikrama
Goverdhan Parikrama News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को एक अलग ही भक्तिमय अंदाज में नजर आए। सीएम भजनलाल शर्मा अपनी धर्मपत्नी के साथ डीग जिले के प्रसिद्ध गोवर्धन पहुंचे, जहां उन्होंने गिरिराज महाराज की भक्ति में लीन होकर अपनी आस्था प्रकट की। मुख्यमंत्री ने न केवल गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा शुरू की, बल्कि 'सात दंडवती' लगाकर धोक भी दी। इस धार्मिक यात्रा के दौरान सीएम ने सबसे पहले श्रीनाथजी मंदिर में सपत्नीक (पत्नी सहित) विशेष पूजा-अर्चना की और पूरे राजस्थान की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
परिक्रमा मार्ग में मुख्यमंत्री का एक बेहद सादगी भरा रूप देखने को मिला। परिक्रमा के दौरान रास्ते में जितने भी श्रद्धालु और स्थानीय लोग मिले, मुख्यमंत्री ने उन सभी के सामने हाथ जोड़कर और सिर झुकाकर 'रामा-श्यामा' (अभिवादन) की। मुख्यमंत्री को अपने इतने करीब और इस सादगी में देखकर वहां मौजूद आम जनता और श्रद्धालु भी काफी उत्साहित नजर आए।
इससे पहले, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के डीग पहुंचने पर हेलीपैड पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। अगवानी करने वालों में राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, डीग-कुम्हेर के विधायक डॉ. शैलेश सिंह और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय भाजपा नेता मौजूद रहे। सीएम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे परिक्रमा रूट और हेलीपैड के आसपास कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। सोशल मीडिया पर सीएम की इस 'सात दंडवती' परिक्रमा की तस्वीरें और वीडियो अब जमकर वायरल हो रहे हैं, जिसे लोग मुख्यमंत्री की गहरी धार्मिक आस्था से जोड़कर देख रहे हैं।
सनातन धर्म में गिरिराज (गोवर्धन) महाराज की सप्तकोसी परिक्रमा को अत्यंत पवित्र माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लगभग 21 किलोमीटर लंबी यह परिक्रमा साक्षात भगवान श्रीकृष्ण की परिक्रमा के समान मानी जाती है। श्रद्धालु नंगे पैर चलकर गिरिराज महाराज के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हैं। मान्यता है कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ उंगली पर उठाया था। इसी कारण गोवर्धन पर्वत को श्रीकृष्ण का स्वरूप माना जाता है। श्रद्धापूर्वक की गई परिक्रमा से पापों का नाश, मनोकामनाओं की पूर्ति और आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है।
परिक्रमा मार्ग में राधाकुंड, मानसी गंगा, जतीपुरा और आन्यौर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल आते हैं। भक्त सात्विकता, संयम और भक्ति भाव के साथ इस यात्रा को पूर्ण करते हैं।
Updated on:
09 Jun 2026 09:53 am
Published on:
09 Jun 2026 09:24 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
