
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/ जयपुर. जयपुर समेत प्रदेशभर को शुक्रवार को कई सौगात मिलीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर राजधानी के गोविंददेवजी मंदिर का विकास करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा करते हुए विधानसभा में घोषणा की। पहले चरण में होने वाले विकास कार्यों पर 100 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
राजस्थान पत्रिका ने गत वर्ष नौ दिसंबर के अंक में राधा-कृष्ण की अद्भुत चित्रकारी के साथ राजस्थानी स्थापत्य की दिखेगी झलक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसमें बताया था कि मंदिर में कॉरिडोर निर्माण के साथ ही धर्मशाला, पार्किंग व्यवस्था सहित अन्य सौंदर्यीकरण के काम होंगे।
इसी तरह पुष्कर का भी विकास किया जाएगा। चुनावी साल में इस घोषणा को काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा त्रिपुरा सुंदरी, सांवलिया जी, खोले के हनुमानजी, तनोट मातेश्वरी, श्रीनाथजी, कैला देवी, वीर तेजा जी, एकलिंगजी सहित अन्य मंदिरों के विकास के लिए डीपीआर बनाई जाएगी।
ये काम भी होंगे
- परकोटे में जर्जर सीवर लाइन को बदला जाएगा। इस पर 296 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। परकोटे में कई जगह 50 वर्ष से पुरानी सीवर लाइन है।
- हरमाड़ा, भडारणा और वीकेआई की रोड नम्बर 17 में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज लाइन की डीपीआर बनाई जाएगी।
- जयपुर स्थित ईदगाह का वक्फ बोर्ड के माध्यम से विकास कार्य करवाए जाएंगे।
- जवाहर नगर कच्ची बस्ती में टीला नं. 7 से रोटरी सर्कल तक एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए पांच करोड़ से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
Published on:
18 Mar 2023 12:26 pm
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