
जयपुर।
दरअसल शशि थरूर अपने साथ पिस्टल लेकर आए थे, लेकिन इसके बारे में उन्होंने हवाई अड्डा प्राधिकरण और सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी नहीं दी। आखिकार उन्होंने अपनी पिस्टल का लाइसेंस दिखाया तो उन्हें बाहर निकलने दिया। इस दौरान कुछ देर तक थरूर और सुरक्षा अधिकारियों के बीच बहस भी हुई।
.. इधर जेएलएफ के दौरान आया हाईकोर्ट का आदेश
हाईकोर्ट ने पुलिस प्रशासन को हिदायत दी है कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल आयोजन के दौरान डिग्गी पैलेस के पास रहने वाले स्थानीय निवासी और उनके मेहमानों का वाहनों सहित प्रवेश बंद नहीं किया जाए। कोर्ट ने इस मामले में गृह सचिव, पुलिस आयुक्त और अशोक नगर थानाधिकारी व डिग्गी पैलेस संचालक से जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश बनवारी लाल शर्मा ने सर्वेश्वर चतुर्वेदी की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया। अधिवक्ता गणेश चतुर्वेदी ने कोर्ट को बताया कि प्रार्थी डिग्गी पैलेस के पास शिवाजी मार्ग पर रहता है। डिग्गी पैलेस संचालकों ने 25 से 29 जनवरी तक साहित्य सम्मेलन कराने के लिए जगह किराए पर दी है। हर बार स्थानीय निवासियों को आवाजाही के लिए पास उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन इस बार ऑनलाईन व्यवस्था की है और इसके बारे में स्थानीय लोगों को सूचित भी नहीं किया। व्यवस्था के नाम पर आसपास के रास्तों को बैरिकेट लगाकर रोक दिया है। बिना पास वाले स्थानीय निवासियों को प्रवेश भी नहीं दिया जा रहा। इसको लेकर याचिकाकर्ता की ओर से अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
Updated on:
26 Jan 2018 09:46 am
Published on:
26 Jan 2018 09:36 am
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