21 अक्टूबर 1945
प्रथम सत्र में आधुनिक भारतीय साहित्य के बारे में डॉ. के.आर. श्रीनिवास आयंगर, हुंमायंू कबीर, डी.वी. पोतदार, एस.एस.पी अय्यर, सोफिया वाडिया, गुलाबदास ब्रोकर, एससी गुहा, एनसी मेहता, डॉ.सी नारायणन मेनन, डीवी गुड्या, वैंकटेशा अयंगर ने साहित्य के आधार भूत महत्व पर प्रकाश डाला।