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Ashok Gehlot V/S Sachin Pilot के बीच अब Priyanka Gandhi को कांग्रेस की कमान थामने की उठी आवाज़

प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस पार्टी के एक समूह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात का समय मांगा है। ये समूह राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनाए जाने की भी इच्छा ज़ाहिर करेगा ।

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Congressmen demand Priyanka Gandhi to take Congress president charge

जयपुर।

राजस्थान में सियासी संग्राम के बीच अब कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी की कमान संभाल लेने की आवाज़ उठने लगी है। प्रदेश कांग्रेस के एक समूह ने इस मांग सहित विभिन्न मांगों पर ध्यान आकर्षित करने के लिए आलाकमान से मुलाक़ात का समय माँगा है।

प्रदेश में सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस पार्टी के एक समूह ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाक़ात का समय मांगा है। बताया गया है कि इस समूह में लगभग 50 वरिष्ठ और युवा नेता-कार्यकर्ता शामिल हैं। आलाकमान से मिलकर ये समूह राज्य में वर्तमान राजनीतिक खींचतान और पार्टी की स्थिति को अवगत करवाना चाह रहा है। ये समूह राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष बनाए जाने की भी इच्छा ज़ाहिर करेगा ।

कांग्रेस नेता डॉ वरुण पुरोहित ने बताया कि आलाकमान से मिलकर उनका ध्यान प्रदेश कांग्रेस की मौजूदा स्थितियों पर आकर्षित किया जाएगा। साथ ही पार्टी में गैर कांग्रेसी पृष्ठभूमि के लोगों का वर्चस्व खत्म करने, किसी भी प्रमुख व निर्णायक पद नहीं देने, पैराशूट नेताओं को चुनाव नहीं लडवाए जाने की मांग की जायेगी। पुरिहित ने बताया कि ऐसे नेताओं से पार्टी की राज्य में ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर छवि ख्हराब हो रही है साथ ही निष्ठावान कार्यक्कार्ताओं का मनोबल भी टूटता है।

इन मुद्दों पर आलाकमान का ध्यान आकर्षित किया जाएगा-
- समय रहते प्रियंका गांधी तुरंत प्रभाव से पार्टी की कमान राष्ट्रीय स्तर पर अपने हाथ में लें जो कि आम जनता वह ग्रासरूट कार्यकर्ता की दिली इच्छा है।
- गैर कांग्रेसी पृष्ठभूमि के लोगों का ख़त्म हो वर्चस्व, ऐसे लोगों को किसी भी प्रमुख व निर्णायक पद पर ना दी जाए ज़िम्मेदारी, निष्ठावान कार्यकर्ताओं की ना हो उपेक्षा।
- पैराशूट नेताओं को किसी भी स्तर का चुनाव ना लडवाए जाए, जिसका पार्टी को बार-बार खामियाजा ना उठाना पड़े।