
rain in ajmer helps marwar
जयपुर। monsoon in rajasthan : राजस्थान सहित देशभर में मानसून की बेरुखी से मौसम विभाग चिंतित है। मानसून का आना-जाना निर्धारित तिथियों के बजाय अनिश्चित हो रहा है। इस बार देशभर में मानसून के देर से आने के बाद मौसम विशेषज्ञों ने पुणे में विश्लेषण शुरू किया है।
मौसम विभाग राजस्थान सहित सभी राज्यों के 50 साल के डेटा जुटाकर जलवायु और वातावरण की स्थितियों का विश्लेषण कर रहा है। मानसून के आने-जाने की तारीखों में बदलाव की जरूरत का अध्ययन कर रही समिति संभवत: अगले साल तक यह विश्लेषण पूरा कर लेगी। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इसके बाद मानसून के आने-जाने की नई तारीखें घोषित की जा सकती हैं। गौरतलब है कि इस साल देश में मानसून ने एक जून के बजाय 8 जून को केरल में प्रवेश किया।
1941 से वही तारीखें
मानसून के जो भी अनुमान लगाए जाते रहे हैं, वे 1941 से पहले के आंकलन के आधार पर हैं। तब से वे ही तारीखें चली आ रही हैं। अब वातारण बदलने से सटीक अनुमान नहीं लग पा रहा है।
वातावरण को देखते हुए पुणे में डॉ. डीएस पाइ के निर्देशन में विश्लेषण किया जा रहा है। कमेटी जानेगी कि तारीखों में बदलाव जरूरी है या नहीं।
डॉ. केजे रमेश, महानिदेशक, मौसम विभाग
राजस्थान मेें पिछले 5 साल का हाल
वर्ष----कब आया----वापसी----लौटा
2014---3 जुलाई--२3 सितंबर--अक्टूबर
2015---24 जून--7 सितंबर--29 अक्टूबर
2016---22 जून--15 सितंबर--12 अक्टूबर
2017---27 जून--15 सितंबर--11 अक्टूबर
2018---27 जून--29 सितंबर--1 अक्टूबर
(राजथान में 15 जून और जयपुर में 25 जून को आने की तिथि है मानसून की। विदाई 1 सितंबर को होती है)
Updated on:
19 Jul 2019 08:56 am
Published on:
19 Jul 2019 08:54 am
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