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अब नहीं चलेगी डॉक्टरों की मनमानी, ओपीडी से नदारद रहे और बिना अनुमति कार्य बहिष्कार किया तो होगी सख्त कार्यवाही

चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्यों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए निर्देश
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जयपुर

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Vikas Jain

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Updated: 29 Nov 2017, 8:04 PM IST

jaipur

जयपुर। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज अस्पतालों सहित निचले स्तर के सरकारी अस्पतालों के ओपीडी से नदारद रहने वाले चिकित्सकों पर अब चिकित्सा विभाग सख्त कार्यवाही करेगा। चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्यों और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को औचक निरीक्षण कर ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही किसी भी मांग के लिए कार्य बहिष्कार करने से पहले भी अनुमति लेनी होगी। ऐसा नहीं करने और अनुपस्थित मिलने पर राजकीय नियमों के अनुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।

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सराफ ने बताया कि सभी जिला कलक्टरों को चिकित्सालय समय के दौरान कार्य बहिष्कार करने वालों के विरूद्ध राजकीय सेवा नियमों के तहत कार्यवाही करने के निर्देष दिए गए हैं।

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प्राचार्य व अधीक्षक के साथ बैठक

सराफ ने बुधवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. यू.एस. अग्रवाल व अधीक्षक डॉ. डी.एस.मीणा के साथ बैठक आयोजित कर चिकित्सालय समय के दौरान देरी से आने वालों व अनुपस्थित रहने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के लिए कहा।

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एक घंटे में कराना पड़ा नर्सेज प्रदेश अध्यक्ष को ज्वाइन

राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्याम सिंह को बुधवार को फिर से एसएमस अस्पताल में ज्वाइन करा दिया गया। सिंह ने इसी साल नर्सेज दिवस पर सवाई मानसिंह अस्पताल के सभागार में एसोसिएशन की ओर से आयोजित समारोह में चिकित्सा मंत्री के ऐन वक्त पर शिरकत नहीं करने पर मंत्री को खुले मंच से ललकारा था। इसके कुछ दिन बाद ही पहले उन्हें एपीओ और बाद में निलंबित कर दिया गया।