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राजस्थान में पेपर लीक के बाद दुबारा हुई परीक्षा में बैठे डमी कैंडिडेट, 5 अभ्यर्थी हिरासत में, SOG में मामला दर्ज

Rajasthan Government On Paper Leak And Dummy Candidate: दिसम्बर 2022 में पेपर लीक होने के बाद जनवरी और जुलाई में दुबारा हुई वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में कई डमी कंडिडेट बैठे थे।
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जयपुर

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Nupur Sharma

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Updated: 29 Dec 2023, 8:35 AM IST

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Rajasthan Government On Paper Leak And Dummy Candidate: दिसम्बर 2022 में पेपर लीक होने के बाद जनवरी और जुलाई में दुबारा हुई वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा में कई डमी कंडिडेट बैठे थे। इसका खुलासा आरपीएससी की मूल अभ्यार्थियों के दस्तावेज पड़ताल में हुआ है, जिसके बाद एसओजी ने बुधवार को एफआइआर दर्ज की है। मामले में खुद की जगह डमी अभ्यर्थी बैठाने वाले पांच मूल अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है। अभी तक दस्तावेज तस्दीक में 14 डमी अभ्यर्थियों की जानकारी सामने आई है। नई सरकार बनने के बाद गठित एसआईटी को इसकी जांच दी गई है।

डमी कंडिडेट वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2022 के विज्ञान तथा सामान्य ज्ञान व शैक्षणिक मनोविज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में बैठे थे। परीक्षा में 14 अभ्यर्थियों की जगह डमी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। पड़ताल के बाद इनकी संख्या बढ़ सकती है। उधर, पेपर लीक मामलो में मुख्यमंत्री भजन लाल ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसआईटी की ओर से हेल्पलाइन नम्बर 9530429258 जारी किए गए हैं। सूचना देने वालों की जानकारी भी गोपनीय रखी जाएगी।

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मुख्यमंत्री ने गुरुवार को विशेष बैठक बुलाई, जिसमें डीजीपी उमेश मिश्र व एडीजी दिनेश एमएन, पेपर लीक रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स के एडीजी वीके सिंह व अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक रोकना आरपीएससी के साथ पुलिस प्रशासन व हर उस विभाग की जिम्मेदारी है जो इस प्रक्रिया से जुड़ा है। उन्होंने मुख्य सचिव और डीजीपी को पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा से पूर्व मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक जिला कलक्टर एवं पुलिस अधीक्षकों से सीधा संवाद करेंगे। जिन परीक्षा केन्द्रों एवं कोचिंग संस्थानों पर संदेह है उनपर निगरानी रखी जाएगी।

केस ऑफिसर स्कीम के तहत ट्रायल
बैठक में निर्णय लिया गया कि पेपरलीक/नकल करने वालों के खिलाफ केस ऑफिसर स्कीम के तहत ट्रायल होगी। संदिग्ध परीक्षा केन्द्रों व कोचिंग संस्थानों की विशेष निगरानी रखी जाएगी।

प्रवेश में पत्र में फोटो अलग, परीक्षा देने दूसरा बैठ रहा
दस्तावेज की तस्दीक में सामने आया कि परीक्षा के प्रवेश पत्र व दस्तावेज में फोटो मूल अभ्यर्थी की लगी है। जबकि मूल अभ्यर्थी की जगह डमी अभ्यर्थी परीक्षा दे रहा है। परीक्षा लेने वाले वीक्षकों की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है। एसआईटी परीक्षा लेने वाले वीक्षकों की भूमिका की जांच करेगी। परीक्षा दौरान वीक्षक दस्तावेज की तस्दीक करता है। परीक्षा में फोटो की तस्दीक करने की बजाय डमी अभ्यर्थी को बैठाने वाले वीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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इन अभ्यर्थियों को लिया हिरासत में
एडीजी वीके सिंह ने बताया कि बाड़मेर के माणकी स्थित अणदाणियों की ढाणी निवासी दुर्गाराम विश्नोई पुत्र तोगाराम विश्नोई, बाड़मेर के सेड़वा स्थित सियागपुर निवासी राजेन्द्र विश्नोई पुत्र अमराराम विश्नोई, गंगापुर सिटी के टोडाभीम स्थित मोहनपुरा निवासी सत्यप्रकाश मीना पुत्र रामकेश मीना, सांचौर के चितलवाना स्थित परावा निवासी गोपाल सिंह भादू पुत्र तेजपाल सिंह विश्नोई, सांचौर के जेलातरा स्थित भलाणी निवासी अशोक कुमार विश्नोई पुत्र मांगीलाल विश्नोई को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अन्य अभ्यर्थियों की तलाश की जा रही है।