27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान के इस जिले में बच्चों के भविष्य के साथ हो रहा है खिलवाड़, न नियुक्ति-न ही ट्रांसफर

Third Grade Teacher: नागौर के शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ही तृतीय श्रेणी लेवल प्रथम व लेवल द्वितीय के शिक्षक लगाए गए।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नागौर

•

image

Nupur Sharma

•

Updated: 28 Dec 2023, 12:24 PM IST

school_student_in_exam.jpg

श्यामलाल चौधरी
Third Grade Teacher: नागौर के शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं। तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा हुई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में ही तृतीय श्रेणी लेवल प्रथम व लेवल द्वितीय के शिक्षक लगाए गए। विधानसभा के में एक प्रश्न के जवाब में शिक्षा विभाग ने बताया था कि प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में अध्यापक लेवल-2 के 16440 तथा अध्यापक लेवल-1 के 14867 पद रिक्त हैं। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में अध्यापक लेवल-2 के 14473 तथा अध्यापक लेवल-1 के 14598 पद रिक्त हैं। माध्यमिक एवं प्रारंभिक शिक्षा में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के कुल 60378 पद रिक्त थे। करीब 48 हजार तृतीय श्रेणी शिक्षकों की भर्ती हुई, सभी गांव में लगा दिए। पांच-छह साल में न तो शहरों में पोस्टिंग दी गई और न ही तबादले किए गए।

यह भी पढ़ें : Rajasthan News: दो पूर्व सीएम, विधानसभा अध्यक्ष रहेंगे आमने-सामने

सरकार की नीतियों के कारण हुआ ऐसा
शिक्षकों एवं संस्था प्रधानों का कहना है कि शहरी क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पद या तो 6डी से भरे जाते हैं या फिर तबादलों से। तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नियुक्ति जिला परिषदों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में दी जाती है। प्रदेश में वर्ष 2018 के बाद तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले ही नहीं हुए। न ही 6डी की प्रक्रिया पूरी हुई। कभी-कभार स्कूलों में अधिशेष शिक्षक हुए तो भी उन्हें शहरों की बजाए ग्रामीण क्षेत्र के ही स्कूलों में लगाया गया।