
Jaipur: कार्मिकों की उपस्थिति की जांच करती निरीक्षण दल की टीम। (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। सरकारी नौकरी में समय पर दफ्तर पहुंचना और आमजन के काम करना कर्मचारियों की जिम्मेदारी है, लेकिन राजधानी जयपुर के दो प्रमुख विभागों में कार्मिकों की गैरहाजिरी ने सरकारी कामकाज की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। सोमवार को प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के औचक निरीक्षण में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों में कुल 59 अधिकारी-कर्मचारियों में से 38 अनुपस्थित मिले। हालात ऐसे थे कि सरकारी कार्यालयों में काम कराने पहुंचे लोग संबंधित कार्मिकों का इंतजार करते रहे, लेकिन जिनसे काम होना था, वे दफ्तरों में मिले ही नहीं।
निरीक्षण के दौरान जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर-द्वितीय की लेखा शाखा के कक्ष पर ताला लगा मिला। निरीक्षण दल ने गैरहाजिर कार्मिकों के संबंध में नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजी है।
प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग के उप सचिव एवं अतिरिक्त निदेशक (निरीक्षण) सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में राज्य स्तरीय निरीक्षण दल ने सोमवार सुबह करीब 10 बजे पीडब्ल्यूडी के कार्यालयों की जांच की। दल ने अधीक्षण अभियंता सिटी-तृतीय कार्यालय और सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग के गांधीनगर स्थित अनुभाग द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ का निरीक्षण किया। इस दौरान कुल 14 अधिकारी-कर्मचारियों में से 10 अनुपस्थित पाए गए। सरकारी कार्यालयों में इतनी बड़ी संख्या में कार्मिकों का नहीं मिलना विभागीय निगरानी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। वहीं, विभिन्न कार्यों के लिए दफ्तर पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीडब्ल्यूडी के बाद निरीक्षण दल ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालयों की स्थिति भी जांची। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर-प्रथम और जयपुर-द्वितीय के साथ जिला वैक्सीन एवं कोल्डचैन स्टोर, गांधीनगर के प्रथम और द्वितीय कार्यालयों का निरीक्षण किया गया। यहां कुल 45 अधिकारी-कर्मचारियों में से 28 गैरहाजिर मिले। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी, जयपुर-द्वितीय की लेखा शाखा के कक्ष पर ताला मिलने से कार्यालय में कामकाज की स्थिति भी सामने आई।
औचक निरीक्षण दल में महेन्द्र कुमार सरावता, अनुभागाधिकारी चेना राम भदाला, सहायक अनुभागाधिकारी मनोज पंवार, वीर सिंह और कृष्णावतार कटारिया शामिल रहे। निरीक्षण में सामने आई गैरहाजिरी को लेकर संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार कार्मिकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और सरकारी कार्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विभाग क्या कदम उठाते हैं।
Updated on:
26 Oct 2026, 9:09 PM IST
Published on:
26 Oct 2026, 9:08 PM IST
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