
जयपुर।
भाजपा को लगातार दूसरी बार 25 सांसद देने वाले राजस्थान से इस बार तीन सांसदों को मंत्री बनाया गया है। इनमें जोधपुर से गजेन्द्र सिंह शेखावत ( gajendra singh shekhawat ), बीकानेर से अर्जुन राम मेघवाल ( Arjun Ram Meghwal ) और बाड़मेर से कैलाश चौधरी ( Kailash Chaudhary ) को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
इसमें गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन राम मेघवाल को दोबारा मोदी मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया है। वहीं जैसलमेर-बाड़मेर से सांसद बने कैलाश चौधरी को भी मंत्री बनाया है। शेखावत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है, जबकि मेघवाल और चौधरी को राज्यमंत्री बनाया गया है। जानिए इन तीनों केंद्रीय मंत्रियों की शुरूआती जीवन और शिक्षा के बारे में..
अर्जुनराम मेघवाल
संसदीय कार्य एवम भारी उद्योग व सार्वजनिक निगम राज्य मंत्री की ज़िम्मेदारी संभालने वाले अर्जुनराम मेघवाल का जन्म 7 दिसंबर 1954 को बीकानेर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा अपने गाँव में ही प्राप्त की। बीकानेर में कला में स्नातक और लॉ में स्नातक की उपाधि प्राप्त की इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएशन किया। फिर फिलीपींस यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (M.B.A) में मास्टर्स की शिक्षा ग्रहण की। 1982 में उन्होंने आरएएस परीक्षा उत्तीर्ण की और राजस्थान उद्योग सेवा के लिए चुने गए।
अर्जुनराम ने भाजपा के टिकट पर 2009 में बीकानेर लोकसभा से पहला चुनाव जीता। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए। केन्द्र सरकार में वित्त व कम्पनी मामलात राज्य मंत्री संसदीय कार्यमंत्री, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री रहे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बीकानेर से लगातार तीसरी बार सांसद निर्वाचित हुए।
कैलाश चौधरी
कृषि एवम किसान कल्याण राज्य मंत्री का ज़िम्मा संभालने वाले कैलाश चौधरी का जन्म 20 सितंबर, 1973 को हुआ। उन्होंने महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर से एमए और नागपुर विश्वविद्यालय, नागपुर से बीपीएड की शिक्षा ग्रहण की है। ग्राम कोसरिया, तहसील बायतू, जिला बाड़मेर निवासी चौधरी 1998 में बालोतरा से वार्डपंच का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। इसके बाद पाटोदी में जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीता। 2008 में बायतु से विधायक का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए। 2013 में बायतु से विधायक चुने गए और किसान मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष भी बने। 2018 के चुनावों में बायतु से विधायक चुनाव हार गए। इसके बावजूद 2019 में भाजपा ने उन पर भरोसा करते हुए लोकसभा का टिकट दिया और कैलाश 3 लाख 23 हजार 808 मतों से जीते।
गजेंद्र सिंह शेखावत
जल शक्ति मंत्रालय का जिम्मा संभालने वाले गजेंद्र सिंह शेखावत का जन्म 3 अक्टूबर 1967 को जैसलमेर में हुआ। राजपूत परिवार में जन्मे गजेंद्र सिंह सीकर जिले के महरौली गांव से संबंध रखते हैं। उन्होंने जोधपुर में जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी से एमफिल किया। छात्र जीवन से ही आरएसएस से जुड़े रहे।
सिंह ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की, 1992 में वे जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट बने। 2014 में पहली बार सांसद का टिकट मिला और केंद्रीय मंत्री चंद्रेश कुमारी को 4 लाख 10 हजार वोट से हराया।
Published on:
31 May 2019, 6:53 PM IST
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