
Madan Dilawar New Order : शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने आज शनिवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायतीराज सभागार में आयोजित शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में कहा विद्यार्थियों को गुणवत्ता एवं संस्कार युक्त शिक्षा के लिए समुचित प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा में संस्कार के समावेश के लिए शिक्षकों सहित सभी विभागीय कार्मिकों को आदर्श व्यवहार अपनाना होंगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियों तथा शिक्षकों की आचरण एवं कार्यशैली के आधार पर ग्रेडिंग करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सभी कार्मिकों, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों को जारी परिचय पत्र गले में पहनना चाहिए। उन्होंने व्यावसायिक शिक्षा में नवीनतम तकनीक का समावेश करने, जिलेवार नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रतिमाह 2 दिन ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर फीडबैक देने, शिक्षकों को दिए जाने वाले प्रशिक्षण से होने वाले प्रभाव की समीक्षा करने, विद्यार्थियों को अपने गांव एवं स्थानीय परिवेश के बारे में विस्तृत जानकारी देने, घुमन्तू परिवारों के बालकों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने विद्यालयों का कलर कोड एवं भवनों की स्टैंडर्ड डिजाइन निर्धारित करने, विभागीय कार्यो के निस्तारण की समय सीमा तय करने, निजी विद्यालयों की मान्यता के प्रकरणों का त्वरित निस्तारण करने, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय सहित अन्य आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों के अप-डाउन की प्रवृत्ति पर रोक लगाने, आगामी शिक्षा सत्र में 5 जुलाई तक पाठ्य पुस्तकें विद्यालयों में उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में बजट घोषणा कि पालना की प्रगति, संस्कृत शिक्षा विभाग तथा समग्र शिक्षा के कार्यो की समीक्षा की गई। शासन सचिव स्कूल शिक्षा कृष्ण कुणाल ने कहा कि विद्यालयों में उपलब्ध कराए गए व्यावसायिक किट सहित अन्य शिक्षण सामग्री का उपयोग सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण किया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण लेने वाले विद्यार्थियों को रोजगार से जोड़ने की पहल करें। उन्होंने कक्षा एक से पांच के पाठ्यक्रम में स्थानीय परिदृश्य पर फोकस तथा ग्रामीण क्षेत्र के आवश्यकता वाले विद्यालयों में कक्षा-कक्ष निर्माण के प्रस्ताव मनरेगा को भिजवाने के निर्देश दिए।
Updated on:
21 Dec 2024 05:29 pm
Published on:
21 Dec 2024 05:29 pm
