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पूर्व विधायक मलखान सिंह को जमानत, आज हो सकती है रिहाई

भंवरी देवी हत्याकांड में आठ आरोपी पहले से जमानत पर बाहर, मदेरणा भी अंतरिम जमानत पर
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जयपुर

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Shailendra Kumar Agrawal

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Updated: 18 Aug 2021, 2:05 AM IST

जोधपुर/जयपुर। चर्चित भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले में 9 साल 8 माह से जेल में बंद पूर्व विधायक मलखान सिंह बिश्नोई को मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत दे दी, बुधवार को रिहाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले 8 आरोपियों की जमानत पर रिहाई हो चुकी है। इसी मामले से संबंधित भंवरी देवी के पति अमर चंद व अपहरण के आरोपी बिशनाराम व एक अन्य आरोपी कैलाश जाखड़ की जमानत याचिका पर हाईकोर्ट ने 24 अगस्त तक सुनवाई टाल दी।
न्यायाधीश दिनेश मेहता ने मलखान सिंह विश्नोई के जमानत प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को आदेश दिया। वर्ष 2013 में विश्नोई का जमानत प्रार्थना पत्र 2 बार खारिज हो गया था। मंगलवार को मंजूर विश्नोई के जमानत प्रार्थना पत्र में जोधपुर स्थित एससी—एसटी मामलात विशेष न्यायालय ने 11 अगस्त 2021 के जमानत खारिज करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हेमंत नाहटा और संजय बिश्नोई ने कहा कि समान मामले में एक आरोपी को सुप्रीम कोर्ट व 7 आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। सीबीआइ के अधिवक्र्ता एजाज खान ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला परसराम के मामले से अलग है। कोर्ट ने दोनों पक्ष सुनने के बाद विश्नोई का जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर कर लिया।
यह बोला हाईकोर्ट
कोर्ट ने कहा कि सीबीआइ के जमानत नहीं देने का तर्क स्वीकार किया गया तो वह आरोपी के जीवन व उसकी स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन होगा।
सुप्रीम कोर्ट के कथन का लिया सहारा
परसराम को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपी हैं। ट्रायल पूरा होने तक किसी व्यक्ति को अनिश्चितकाल के लिए हिरासत में नहीं रखा जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के इस कथन को विश्नोई के जमानत प्रार्थना पत्र में भी शामिल किया गया।
ये भी जेल से बाहर
इस मामले में 17 आरोपी हैंं, जिनमें से परसराम विश्नोई को सुप्रीम कोर्ट तथा रेशमाराम, सहीराम विश्नोई, ओमप्रकाश, दिनेश, अशोक, उमेशाराम व पुखराज को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी। राज्य सरकार में मंत्री रहे महिपाल मदेरणा को भी अंतरिम जमानत मिल चुकी है और नियमित जमानत पर 23 को सुनवाई होनी है।