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Rajasthan: फोटो कॉपी से तैयार किए 43 लाख के जाली नोट, दिवाली पर जयपुर में खपाने की थी तैयारी; 5 आरोपी गिरफ्तार

Fake Currency: पुलिस और एसओजी ने राजधानी जयपुर में जाली नोट खपाने की साजिश रच रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
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जयपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 19 Oct 2025, 10:45 AM IST

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी और इनसेट में नकली नोट। फोटो: पत्रिका

जयपुर। कमिश्नरेट पुलिस और एसओजी ने राजधानी जयपुर में जाली नोट खपाने की साजिश रच रहे एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 43 लाख 24 हजार रुपए की नकली करेंसी बरामद की है।

ये अब तक की थ्रेड और वाटरमार्क युक्त जाली नोटों की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों पर पूर्व में भी राजस्थान और पंजाब में जाली नोटों के मामलों में केस दर्ज हैं। पुलिस उनका रिकॉर्ड जुटा रही है।

पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि सांभर के हबसपुरा निवासी राजेन्द्र चौधरी, नरेना के देवपुरा निवासी शंकरलाल चौधरी, बीकानेर के मुक्ता प्रसाद नगर निवासी मनोज उर्फ गणपति बिश्नोई, बज्जू खालसा बीकानेर निवासी बलकरण उर्फ बलदेव व मदनलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया।

डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि एसओजी के पुलिस निरीक्षक विजय कुमार राय ने 16 अक्टूबर को देर रात नारायण विहार थानाप्रभारी गुंजन सोनी को जाली नोट के बारे में सूचना दी थी। पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई कर 23 लाख रुपए की नकली करेंसी नोट तथा 18 लाख रुपए की नकली करेंसी नोट बरामद किए।

कटिंग मशीन, वाटरमार्क फ्रेम, पेपर शीट और पारदर्शी कांच जब्त

पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से प्रिंटेड जाली नोट, पेपर कटर, वाटरमार्क छापने वाला लकड़ी का फ्रेम, पारदर्शी कांच, बची हुई कतरन और नोट प्रिंट करने वाली पेपर शीट जब्त की हैं। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह बीकानेर से नकली नोट लाकर जयपुर में इन्हें असली नोटों की तरह खपाने की तैयारी कर रहा था।

फ्लैट में चल रही थी नकली नोटों की कटिंग

पुलिस टीम ने मानसरोवर स्थित शिव एनक्लेव वर्धमान सरोवर के फ्लैट में छापा मारा गया। पहली मंजिल के फ्लैट का दरवाजा धक्का देने पर खुल गया, जहां दो लोग डबल बैड पर बैठकर 500-500 रुपए के प्रिंटेड नोटों की शीट को पारदर्शी ग्लास पर रखकर पेपर कटर से काट रहे थे। पूछताछ में उनकी पहचान शंकरलाल चौधरी और राजेन्द्र चौधरी के रूप में हुई।

बैंक मैनेजर ने पुष्टि की: नोट पूरी तरह नकली

गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में 500-500 रुपए की नोटों की गड्डियाँ बरामद की गईं, जिन्हें इंडियन बैंक के मैनेजर संजय कुमार वर्मा से चेक कराया गया। उन्होंने इन नोटों को जाली बताया।

बीकानेर से होता था सप्लाई, असली नोटों में मिलता था हिस्सा

आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि बीकानेर निवासी मनोज उर्फ गणपति बिश्नोई जाली नोट लाकर देता था। कटिंग के बाद जब वे नकली नोट आगे बढ़ाते थे, तो बदले में उन्हें कुल राशि का एक चौथाई हिस्सा असली नोटों के रूप में मिलता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से 60,000 रुपए असली नोट भी बरामद किए हैं।