
Rajasthan Firecrackers: इस दिवाली पटाखे जलेंगे भी, ओर खुशियां भी लाएंगे, इस साल राजस्थान में पटाखों पर रोक नहीं
इस साल दिवाली पर पटाखे जलेंगे भी ओर कई घरों में खुशियां भी लाएंगे। पिछले साल राज्य सरकार ने पटाखे छोड़ने ओर बेचने पर कई प्रतिबंध लगाये थे, लेकिन इस बार प्रतिबंध ना होने के चलते पटाखों की बिक्री का रास्ता साफ हो गया है, ऐसे में राजस्थान के तमाम पटाखा कारोबारियों के साथ-साथ मजदूरों के चेहरे मुस्कान से भरे नजर आ रहे हैं। राजस्थान में दिवाली पर पटाखों का कारोबार हर साल 1200 करोड़ के आकड़े को छू जाता हैं, लेकिन पिछले साल कई प्रतिबंध के चलते ये आंकड़ा बहुत कम दिखा। पटाखों का स्टॉक गोदामों में भरा रह गया, लेकिन इस बार कारोबार के बढ़ने की उम्मीद जतायी जा रही है। सरकार ने लगातार दो साल तक दिवाली पर पटाखों पर पाबंदी लगा रखी थी। इस दौरान सरकार ने प्रदेश में पटाखे बेचने पर 10 हजार रुपए और चलाने पर 2 हजार रुपए का जुर्माना भी लगा रखा था।
यह भी पढ़े: जयपुर एयरपोर्ट पर फिर पकड़ा 19 लाख का सोना
प्रदेश में पटाखा कारोबारियों का आंकड़ा
यहां करीब 5 हजार व्यापारी स्थाई लाइसेंस वाले हैं। इसमें पारम्परिक आतिशबाजी करने वाले शोरगर भी शामिल हैं। दिवाली पर लगभग 35 हजार अस्थाई लाइसेंस जारी किए जाते हैं। 10 से 15 पटाखा निर्माता यूनिट्स भी हैं। अनुमान है कि प्रदेश में दिवाली के मौके पर करीब 20 लाख लोगों को पटाखा व्यवसाय से रोजगार मिलता है। दिवाली के साथ सालभर होने वाले शादी समारोह को भी शामिल करें, तो यह सालाना करीब 5 हजार करोड़ का करोबार है।
यह भी पढ़े: काबली चना थोक मंडियों में 20 रुपए किलो तक महंगा
शिवाकाशी में पटाखा फैक्ट्रियां
देश में सबसे ज्यादा पटाखे बनाने वाली फैक्ट्रियां तमिलनाडू के शिवाकाशी में हैं। यहां सालभर पहले ही पटाखों की बुकिंग हो जाती है। थोक व्यापारी एडवांस पेमेंट कर पटाखे बुक कराते हैं। प्रदेश के व्यापारियों ने दिवाली के लिए एडवांस पेमेंट जमा करा कर पटाखे बुक करा दिए थे।
Published on:
19 Oct 2022 09:25 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
