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राजस्थान ऐसा संदेश देगा, भाजपा फिर कोई भी सरकार गिराने की हिम्मत नहीं करेगी: गहलोत

मुख्यमंत्री का भाजपा पर बड़ा हमला: दो केंद्रीय मंत्री व पूरा गृह मंत्रालय लगा है हॉर्स ट्रेडिंग में    
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जयपुर

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Vijayendra Kumar Rai

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Updated: 2 Aug 2020, 8:22 AM IST

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जैसलमेर . जयपुर. सीएम अशोक गहलोत ने शनिवार को भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के मुंह पर सरकारें गिराने का खून लग चुका है। कर्नाटक और मध्यप्रदेश के बाद वे राजस्थान में भी यह प्रयोग कर रहे हैं। दुर्भाग्य से भाजपा का हॉर्स ट्रेडिंग का खेल इस बार बड़ा है, लेकिन राजस्थान ऐसा संदेश देगा कि आइंदा वे किसी सरकार को गिराने की हिम्मत नहीं करेंगे।

शनिवार दोपहर जयपुर रवाना होने से पहले विधायकों की बाड़ाबंदी वाले होटल सूर्यागढ़ के बाहर उन्होंने पहली बार दो केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल का नाम लेते हुए कहा कि कई मंत्री सरकार गिराने के षड्यंत्र में लगे हैं। पूरा गृह मंत्रालय लगा हुआ है। कई नाम छुपे रुस्तम की तरह हैं। हमें सब मालूम है, मगर हम किसी की परवाह नहीं कर रहे। हम तो लोकतंत्र की परवाह कर रहे हैं। लोकतंत्र में लड़ाई विचारधारा, नीतियों की होती है। लड़ाई यह नहीं होती कि चुनी हुई सरकार को बर्बाद कर दो, गिरा दो। फिर लोकतंत्र कहां बचेगा? गहलोत ने कहा कि भाजपा में वसुंधरा राजे का विकल्प बनने की प्रतिस्पद्र्धा छिड़ी है। गजेंद्र सिंह शेखावत के लिए कहा कि केंद्रीय मंत्री तो मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रहे थे, लेकिन उनका प्लेन ऊपर चढऩे से पहले ही क्रेश हो गया।

सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पार्टी ने बहुत कुछ दिया है। तीन बार केंद्रीय मंत्री, तीन बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, तीन बार राष्ट्रीय महामंत्री और तीन बार मुख्यमंत्री बनने के बाद मुझे क्या चाहिए? मैं जो कर रहा हूं, वह जनसेवा के लिए कर रहा हूं। हाईकमान जो तय करेगा, मुझे मंजूर होगा। बागियों को माफी के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह हाईकमान पर निर्भर करेगा। हाईकमान इन्हें माफ करता है तो वे सभी को गले लगाएंगे। उनका कोई प्रेस्टिज पॉइंट नहीं है।


मुस्कुराहट गॉडगिफ्ट: इन दिनों भाषा बहुत ज्यादा तल्ख (एग्रेसिव) होने के सवाल पर गहलोत ने कहा कि ऐसा नहीं है। मैं तो हमेशा प्यार-मोहब्बत से बात करता हूं। मुस्कुराहट तो मुझे गॉडगिफ्ट है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया व अन्य नेताओं के आरोपों के बारे में गहलोत ने कहा कि राजस्थान के ये नेता वसुंधराजी से टक्कर लेना चाहते हैं। इसकी इनमें आपसी प्रतिस्पर्धा है। इधर वसुंधराजी न जाने कहां गायब हो गई हैं। जब उनसे पूछा गया कि वसुंधरा राजे का आपको परोक्ष समर्थन मिलने की बात आ रही है तो गहलोत ने कहा कि आपको कुछ पता हो तो बताओ, मैं उनसे सम्पर्क तो करूं।

बाड़ाबंदी में बंदिश नहीं, जिसे जहां इच्छा हो जाए: सीएम

बाड़ाबंदी: कोई बंदिश नहीं है, जिसे जहां इच्छा हो जाए। तनोट माता सहित अन्यत्र दर्शन करेंगे। जैसलमेर देखेंगे। न मोबाइल बंद किए, न छीने, न ही इंटरनेट बंद किया। जैसलमेर इसलिए आए क्योंकि यह मेरा पसंदीदा शहर है।
शेखावत: संजीवनी सोसायटी के घोटाले में केंद्रीय मंत्री शेखावत का नाम आ रहा है। उन्हें नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।

ट्वीट नहीं, पानी: भाजपा नेताओं के ट्वीट्स पर सीएम ने कहा कि ट्वीट करना बंद करो, पानी की चिंता करो। 40 हजार करोड़ की 13 जिलों की योजना है पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी)। इसे राष्ट्रीय घोषित करें। इन मुद्दों पर विपक्ष हमारा साथ दे, हम सब मिलकर केंद्र से लड़ाई लड़ें, ये होना चाहिए।

राम मंदिर: राम मंदिर के लिए भूमिपूजन पर कहा कि कोर्ट का फैसला पूरे देश ने स्वीकारा है। पर ये राजनीतिक लाभ के लिए दंगे भड़काते रहे। देश को अखंड रखने के लिए सबको साथ लेकर चलें।

मायावती : गहलोत ने कहा कि मायावती पर सीबीआइ का और ईडी का बहुत दबाव है। बसपा के 6 विधायक अपनी पसंद से कांग्रेस में शामिल हुए। यहां पूरी पार्टी का विलय हुआ है। हरियाणा के अंदर भी हुआ था। ये कानून के अंतर्गत किया गया है।