जिले में ऐसे बच्चे के लिए आवासीय विद्यालय खोलने के पर्याप्त जगह है। जिले में पुरानी जेल पूरी तरह से खाली पड़ी हुई है। एक ऐसा ही भवन गढ़ भवन व हरिश्चन्द्र पुस्तकालय के नीचे संग्रहालय भवन खाली पड़ा हुआ है। यहां पर्याप्त जगह होने के चलते ऐसे छात्रों के लिए आसानी से आवासीय विद्यालय खोला जा सकता है।