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आवासीय विद्यालय खोले सरकार तो उपलब्ध है भवन

जिले में मूक बधिर, मानसिक विकलांग व अंधता के शिकार विद्यार्थियों के लिए आवासीय स्कूल खोलने की इच्छा शक्ति अगर सरकार दिखाए तो यहां भवन की कोई दिक्कत नहीं है। 
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सतना

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afjal khan

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Updated: 13 Feb 2016, 4:47 AM IST

जिले में मूक बधिर, मानसिक विकलांग व अंधता के शिकार विद्यार्थियों के लिए आवासीय स्कूल खोलने की इच्छा शक्ति अगर सरकार दिखाए तो यहां भवन की कोई दिक्कत नहीं है।

जिले में कई सरकारी भवन खाली पड़े हैं जिनमें ऐसा आवासीय विद्यालय खोला जा सकता है। इनमें इतनी जगह की विद्यार्थियों को वहां सम्पूर्ण सुविधाएं मिल सकती है।

यह भवन है शहर में खाली
जिले में ऐसे बच्चे के लिए आवासीय विद्यालय खोलने के पर्याप्त जगह है। जिले में पुरानी जेल पूरी तरह से खाली पड़ी हुई है। एक ऐसा ही भवन गढ़ भवन व हरिश्चन्द्र पुस्तकालय के नीचे संग्रहालय भवन खाली पड़ा हुआ है। यहां पर्याप्त जगह होने के चलते ऐसे छात्रों के लिए आसानी से आवासीय विद्यालय खोला जा सकता है।

कोर्ट का भवन भी खाली
गढ़ भवन में पहले कोर्ट चलती थी। लेकिन अभी कोर्ट के मिनी सचिवालय चले जाने के चलते यह भवन पूरा खाली पड़ा हुआ है। इसके चलते यहां भी इतनी जगह है कि यहां भी मूकबधिर व नेत्रहीन छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय आसानी से खोला जा सकता है।

अजमेर चले गए
पूर्व में अध्ययन करने वाले छात्रों में दो-तीन छात्र जिले में अध्ययन की सुविधा नहीं होने के चलते अंध चिकित्सा जन केन्द्र अजमेर चले गए है। अगर जिले में कक्षा 1 से 12वीं तक का ऐसा विद्यालय खुलता है। तो ऐसे छात्रों को जिले में ही अध्ययन की सुविधा मिल सकती है।

खाली पड़े हैं 29 स्कूल भवन!
सरकारी स्कूलों के प्राथमिक से माध्यमिक स्कूलों में मर्ज होने से करीब दो दर्जन से अधिक स्कूल खाली हो गए हैं। अब ये स्कूल किराए पर दिए जाएंगे। यह व्यवस्था सरकार ने स्कूलों के रख-रखाव व बेकार नहीं हो इसके लिए की है। इन्हीं में से किसी एक ठीक भवन में ऐसा विद्यायल चलाया जा सकता है।