राज्यपाल ने कहा, जब हिंदी वर्णमाला सीखते थे तो ग से गणपति पढ़ाया जाता था, लेकिन इस पर भी कई लोगों ने आपत्ति की कि गणपति धार्मिक शब्द है। यह एक धर्म का है, यह नहीं चलेगा। ग गधा चलेगा, लेकिन गणपति नहीं चलेगा। ऐसे विचार करने वाले भी हमारे देश में लोग थे। पाठ्य पुस्तक बनाने वाले भी ऐसे ही लोग थे।