
बीकानेर जेल में रची गई थी पार्षद हरवीर सहारण की हत्या की साजिश!
धीरेंद्र भट्टाचार्य/जयपुर। रावतसर के चर्चित सहारण हत्याकांड की साजिश बीकानेर जेल में रची गई थी। इसके मद्देनजर पुलिस जेल के रिकार्ड को भी अहम सबूत मानकर जांच कर रही है। पालिकाध्यक्ष के पति और पार्षद हरवीर सहारण हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी रामनिवास और कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई एक साल तक बीकानेर जेल में साथ रहे थे। माना जा रहा है कि इसी दौरान इन दोनों ने हरवीर की हत्या का तना-बना बुना था।
लॉरेंस के इशारे पर ही हत्याकांड के लिए हरियाणा और पंजाब के शूटर मुहैया कराए गए थे। लॉरेंस मूलत: पंजाब के फजिल्का का रहने वाला है। पंजाब और हरियाणा के शूटरों पर उसकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। शूटर उसके इशारे पर कहीं भी वारदात करने को तैयार रहते हैं। एसडीएम कार्यालय परिसर में 24 सितम्बर को हुई सहारण की हत्या के मामले में हनुमानगढ़ पुलिस ने मुख्य आरोपी रामनिवास और हरियाणा के 3 शूटरों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन हत्याकांड के पीछे राजनेता और अपराधियों के गठजोड़ को पुलिस अभी तक खोल नहीं पाई है। गिरफ्तार आरोपी शातिर बदमाश हैं, पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं दे रहे। इनके खिलाफ जेल के रिकार्ड सहित अन्य सबूत भी जुटाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार हरवीर सहारण पर भी अपनी पत्नी के चुनाव को लेकर वर्ष 2001 और 2002 में 2 लोगों की हत्या करने का आरोप था। दोहरे हत्याकांड में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने इसी वर्ष उसे गिरफ्तार भी किया था।
हरवीर की हत्या में राजनेता-अपराधियों के गठजोड़ को मुख्य माना जा रहा है। इसीलिए पुलिस ने बीकानेर जेल के रिकार्ड को भी आधार बनाया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी रामनिवास और गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई 30 नवंबर 2016 से 6 नवंबर 2017 तक बीकानेर जेल में साथ थे। हत्याकांड में हरियाणा और पंजाब के शूटर शामिल होने से पुलिस लॉरेंस की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।
हत्याकांड में मुख्य आरोपी सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य अरोपियों को लेकर जेल के रिकार्ड सहित अन्य सबूतों के आधार पर जांच की जा रही है।
अनिल कयाल, पुलिस अधीक्षक, हनुमानगढ़
Updated on:
10 Oct 2018 09:44 am
Published on:
10 Oct 2018 09:44 am
