
जयपुर। लंबे समय तक बेरुखी के बाद राजस्थान में मेहरबान हुए मानसून ( monsoon ) ने प्रदेश के कई बांधों और तालाबों को लबालब कर दिया है। बीती सप्ताह से शुरू हुई भारी बारिश ने जयपुर समेत आस पास के ग्रामीण इलाकों में भी जन जीवन को अस्त व्यस्त कर दिया है। ज्यादा बारिश ( heavy rain in Rajasthan ) वाले क्षेत्रों में कई बांध टूट गए हैं। अब जयपुर के चंदलाई बांध ( Chandlai Lake ) पर टूटने का खतरा मंडरा रहा है। बांध का जलस्तर ( flood Condition ) लगातार बढ़ रहा है। जिससे बांध टूटने की कगार पर आ गया है। जिसने शिवदापुरा इलाके के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। चारों ओर पानी ही पानी नजर आने लगा है। जिससे बाढ़ ( Flood ) जैसे हालात दिखने लगे हैं।
शिवदासपुरा इलाके में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते बांध में पानी की आवक काफी बढ़ गई है और बांध में क्षमता से ज्यादा पानी आ गया है। जिससे बांध पर चादर चलने लगी है। बांध से बाहर आ रहा पानी गांवों की और बढ़ रहा है। जिसने किसानों को परेशानी में डाल दिया है। इसी के साथ यहां मछली पालन का व्यवसाय भी संकट में आ गया है। भारी पानी की आवक से मछलियां भी बहने लगी है। बांध में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है।
मौसम विभाग ( IMD ) ने राजस्थान में एक बार फिर से कई जिलों में भारी और कहीं भारी से भी भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक 29 को प्रदेश के 33 में से 23 जिलों में भारी बारिश हो सकती है। राजधानी जयपुर में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राजस्थान में कई जिलों में भारी बारिश का दौर रविवार को भी जारी रहा।
दत्तावास चांदलाई में घरों में घुसा पानी
जयपुर में टोंक जाने वाले मार्ग पर दत्तावास चांदलाई गांव के हालात भी बाढ़ जैसे हो गए है। यहां घरों में बारिश का पानी घुस जाने से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। बाजार की दुकानें भी जलमग्न हो गयी हैं। दुकानदारों का कहना है की मार्किट में नुकसान हुआ है सारी दुकानों में पानी जाने से उनका सारा माल खराब हो गया है।
कई बांध और बालाब टूटे
प्रदेश में ज्यादा बारिश वाले क्षेत्रों में कई छोटे बांध पानी को रोकने में नाकाम रहे और पानी दबाव झेल नहीं पाने से टूट गए। जयपुर के चाकसू क्षेत्र में भारी बारिश से रावता समेत तीन बांध टूट गए। वहीं जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र बस्सी में भी एक बांध टूट गया। इससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई। खेतों में भारी मात्रा में पानी आने से दलदल जमा हो गई।
प्रदेश के कई जिलों में पिछले पांच दिन में हुई भारी बारिश से आंकड़ा सामान्य से अधिक पहुंच गया है। एक जून से 28 जुलाई तक सामान्य से 10.5 प्रतिशत अधिक बारिश हो गई है। प्रदेश में 28 जुलाई तक सामान्यतया 231.48 मिमी बारिश होनी चाहिए, जबकि 255.87 मिमी हो चुकी है। कोटा और बूंदी में बाढ़ के हालात बने हुए है। वर्षा जनित हादसों में डूबने से 10 लोगों की मौत, 3 लापता है। वहीं जयपुर के सांगानेर इलाके के गूलर बांध के पास द्रव्यवती नदी पर बारिश का पानी देखने गए दो बच्चों मोहम्मद शाहिद (13) और समीर(12) की नदी में डूबने से मौत हो गई। भारी बारिश जोधपुर में कई जगह तबाही लेकर आई है। चौबीस घंटे में चार जनों की मौत हो गई है। सरदारपुरा बी रोड के पास दो मंजिला जर्जर मकान के एक हिस्से की पट्टियां टूटकर गिरीं और मलबे में दबने से रविवार को एक महिला शोभा जैन (48) की मृत्यु हो गई।
फोटो - प्रतिकात्मक
Updated on:
29 Jul 2019, 4:44 PM IST
Published on:
29 Jul 2019, 4:32 PM IST
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