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Rajasthan Rains : सवाईमाधोपुर, भरतपुर में बाढ़ के हालात, जानें कब से मिलेगी भारी बारिश से राहत

Rajasthan Rains : राजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बीते 24 घंटों में अतिभारी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश सवाईमाधोपुर, धौलपुर, बारां और दौसा में दर्ज की गई।

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जयपुर। राजस्थान में भारी बारिश का दौर जारी है। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बीते 24 घंटों में अतिभारी बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक बारिश सवाईमाधोपुर, धौलपुर, बारां और दौसा में दर्ज की गई।

सवाईमाधोपुर जिले में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। यहां सात इंच बारिश दर्ज की गई। इसे देखते हुए जिला कलक्टर ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया। जिला मुख्यालय पर बुधवार रात से लगातार बारिश का दौर जारी रहा। गुरुवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई। इससे जिला मुख्यालय पर लटिया नाला उफान पर आ गया। ऐसे में खैरदा, शहर सहित कई जगहों घरों में पानी भर गया। शहर में बड़ा राजबाग क्षेत्र में रैगर मोहल्ले की पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान पुलिया पर खड़ी एक स्कूली बस टूटी पुलिया में फंस गई। इस दौरान बस को निकालने का प्रयास कर रहे चार जने बह गए।

हालांकि बाद में उनको सकुशल बाहर निकाल लिया। वहीं भाड़ौती में बनास पुलिया से एक युवक ने छलांग लगा दी, जिसे एक घण्टे बाद निकाला गया। वहीं, टोंक-चिरगांव नेशनल हाईवे पर सवाईमाधोपुर-श्योपुर मार्ग पर स्थित ओघाड़ की पुलिया पर तीन फीट ऊपर होकर बारिश का पानी निकलने से मार्ग सुबह से बंद रहा। सूरवाल बांध ओवरफ्लो होने के कारण सवाईमाधोपुर-लालसोट मार्ग पर प्रशासन ने आवागमन नहीं करने की एडवाइजरी जारी की है। इसके स्थान पर दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे का उपयोग करने की सलाह दी है।

भरतपुर : उफान पर नदी-नाले, एसडीआरएफ भी अलर्ट मोड पर

बुधवार से शुरू हुआ बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। ऐसे में सब कुछ पानी-पानी नजर आया। घर-ऑफिस, सडक़ और नदी-नाले सब कुछ पानी-पानी नजर आए। यूं तो राहत दिलाने को अफसर और मंत्री शहर में निकले, लेकिन उनके पास पानी निकासी के खास इंतजाम नजर नहीं आए। यदि उनके पास कुछ था तो सिर्फ निरीक्षण के बाद दिलासा, आश्वासन और पंप सेट। ऐसे में कई कॉलोनियों में पानी में डूबी ही नजर आईं। शहर में 118 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।

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धौलपुर : हाइवे काट गांवों को डूबने से बचाया

धौलपुर शहर समेत जिले के कई हिस्सों में भी गुरुवार को बरसात हुई। हालांकि, शहर में सुबह के समय बारिश रही और दोपहर में मौसम साफ होने से लोगों ने राहत की सांस ली। जिले में हुई भारी बारिश के चलते बाड़ी उपखण्ड क्षेत्र के गांव खनपुरा व निभी में जलभराव होने से गुरुवार को प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 बी को काट कर पानी निकाला गया, जिससे हाइवे पर यातायात ठप हो गया। प्रशासन ने धौलपुर से बाड़ी जाने वाले यातायात को पुराने राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल जाने वाले रास्ते से निकाला जा रहा है। इसी तरह दिल्ली-मुंबई हाइवे संख्या 44 पर सागरपाड़ा के पास सडक़ का कुछ हिस्सा धंस गया। वहीं शहर से लगे तीर्थस्थल मचकुण्ड परिक्र्रमा मार्ग की दीवार ढहने से पानी छितरिया ताल में पहुंच गया।

रामगढ़ पचवारा में 136 एमएम बारिश

दौसा जिले में इस बार मानसून की मेहरबानी लगातार बनी हुई है। बुधवार देर रात से गुरुवार दोपहर तक कहीं तेज तो कहीं रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। जिले में सर्वाधिक बारिश रामगढ़ पचवारा में 136 व निर्झरना में 122 एमएम दर्ज की गई है।

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युवक का शव निकाला

दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में मोरेल बांध की चादर पर बहे युवक रिंकू मीना का शव गुरुवार सुबह करीब 20 घंटे बाद बाहर निकाला जा सका। युवक बुधवार को चादर से बहते पानी में नहाने उतरा, लेकिन पैर फिसलने से बह गया था। प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मशक्कत के बाद युवक के शव को निकाला।

बारां के शाहाबाद में 7 इंच, इटावा क्षेत्र में साढ़े 5 इंच बारिश

कोट के हाड़ौती अंचल में गुरुवार को मानसून सक्रिय रहा। बारां-झालावाड़ व कोटा जिले के ग्रामीण इलाकों में बादल झूमकर बरसे। बारां जिले के शाहाबाद में 7 इंच और कोटा जिले के इटावा क्षेत्र में साढ़े 5 इंच बारिश दर्ज की गई। इससे नदी-नालों में उफान आ गया। इधर, मध्यप्रदेश में हो रही अच्छी बारिश से चंबल नदी के सबसे बड़े गांधीसागर बांध का एक स्लूज गेट खोलकर 19900 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। बारां शहर समेत जिले के आठों उपखंडों में बीते 24 घंटे में अच्छी बारिश हुई। जिले में बुधवार शाम से गुरुवार शाम तक सर्वाधिक बरसात शाहाबाद में 176 एमएम दर्ज की गई।

भीम सागर के गेट खोले

कोटा जिले के सांगोद, कनवास, इटावा और मंडाना क्षेत्र में झमाझम बारिश से सड़कों पर पानी बह निकला। खेत जलमग्न हो गए। इटावा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में 139 एमएम बारिश रेकार्ड हुई। क्षेत्र में लगातार बारिश से हर तरफ जलभराव के साथ ही नदी-नालों में उफान आ गया। उजाड़ नदी के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश से तीन गेट 9 फीट खोलकर करीब 7500 क्यूसेक छोड़ा गया। बांध के गेटों से जल निकासी देर शाम तक जारी रही। बांध का जलस्तर 1011 फीट पर बना हुआ है। बांध की कुल भराव क्षमता 1012 फीट है।

थमेगा तेज बारिश का दौर

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान के अनेक भागों में आगामी 4-5 दिन मानसून सक्रिय रहेगा। इस समय प्रदेश के अधिकांश भागों में हो रही तेज बारिश के दौर में कमी आएगी। इस भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर संभाग के अनेक भागों में मेघ गर्जन के साथ बारिश होने व कहीं-कहीं भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। राज्य में भारी बारिश की गतिविधियों में शुक्रवार से कमी आएगी। 14 से 17 सितम्बर के दौरान छुटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होगी। पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश भागों में मौसम मुख्यत शुष्क रहेगा।