
एसओजी की गिरफ्त में आए आरोपी। फोटो: पत्रिका
जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शनिवार को ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से चयनित हुए चार कनिष्ठ लिपिकों को गिरफ्तार किया। इस मामले में अब तक गिरोह का सरगना पोरव कालेर समेत 20 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गैंग ने खासतौर पर स्पेन से मंगवाए गए स्पाई कैमरे से परीक्षा केन्द्र के अंदर से ही पेपर लीक किया था।
एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर की ओर से आयोजित कनिष्ठ न्यायिक सहायक, लिपिक ग्रेड द्वितीय एवं सहायक लिपिक ग्रेड द्वितीय की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में हाई-टेक नकल कर चयनित इन चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजी बंसल के अनुसार ईओ-आरओ परीक्षा में अनुचित साधनों की जानकारी मिलने पर जांच शुरू हुई। इसमें खुलासा हुआ कि पेपर लीक सरगना पोरव कालेर और उसका साथी तुलसाराम कालेर लाखों रुपए लेकर ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से रियल टाइम उत्तर भरवा रहे थे। बाद में पता चला कि हाईकोर्ट कनिष्ठ लिपिक परीक्षा का पेपर भी इसी गिरोह ने लीक किया था।
-नकल करवाने के लिए दिनेश से 3 लाख, मनोज से 4 लाख, रमेश से 5 लाख और मनीष से 3 लाख रुपए लिए गए।
-पोरव कालेर ने स्पेन से 90 हजार रुपए में 10 Innova Cam drop Box Spy Camera मंगवाए।
-परीक्षा में शामिल गैंग के सदस्यों को स्पाई कैमरे दिए गए।
-प्रश्न पत्र मिलते ही कैमरे से फोटो लेकर पोरव को भेजा गया।
-पोरव के एक्सपर्ट ने पेपर हल किया और उत्तर वापस भेजे।
-ब्लूटूथ डिवाइस के जरिये अभ्यर्थियों को रियल टाइम में सभी उत्तर पढ़ाए गए।
Updated on:
08 Dec 2025 09:15 am
Published on:
08 Dec 2025 09:15 am
