
जनाना हॉस्पिटल परिसर स्थित जननी आईपीडी केंद्र चांदपोल 3 महीने से उद्घाटन के इंतजार में। फोटो - रघुवीर सिंह
International Women's Day : नारी शक्ति की सेहत सलामती के लिए जयपुर की धरती पर जल्द ही दो प्रमुख महिला अस्पतालों को आइपीडी (इन-पेशेंट डिपार्टमेंट) ब्लॉक के रूप में गगनचुंबी गिफ्ट मिलने वाले हैं। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जानते हैं कि चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल और सांगानेरी गेट में महिला चिकित्सालय के आइपीडी टावर में आइसीयू, एनआइसीयू, आइवीएफ जैसी सुविधाएं किस तरह महिलाओं की जिंदगी को सुरक्षित और सेहतमंद बनाएंगे।
जयपुर के जनाना अस्पताल में 70 करोड़ रुपए में बने आइपीडी टावर की शुरुआत इसी माह करने की तैयारी है। वहीं 117 करोड़ रुपए की लागत से महिला चिकित्सालय में आइपीडी टॉवर निर्माण अंतिम चरण में है। दोनों टॉवर शुरू होने से न केवल अस्पतालों पर दबाव कम होगा, बल्कि चिकित्सा सेवाओं की क्षमता भी लगभग दोगुनी हो जाएगी। वहीं, गणगौरी अस्पताल में भी सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक बन रहा है।
महिला चिकित्सालय और जनाना अस्पताल में प्रसव और उपचार के लिए जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश से बड़ी संख्या में महिलाएं आती हैं। अक्सर बेड की कमी की स्थिति बन जाती है। जनाना अस्पताल में अब तक आइसीयू सुविधा उपलब्ध नहीं थी। किसी महिला की हालत गंभीर होने पर उसे एसएमएस अस्पताल या महिला चिकित्सालय रेफर करना पड़ता था।
महिला चिकित्सालय में लगातार बढ़ती मरीज संख्या के चलते मौजूदा सुविधाएं भी दबाव में रहती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने दोनों अस्पतालों में आइपीडी टॉवर बनाने की घोषणा की थी। करीब दो वर्ष से निर्माण कार्य चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।
गणगौरी अस्पताल में भी सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक का काम अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद गाइनिक और पीडियाट्रिक विभाग के लिए चिकित्सा सुविधाएं दोगुनी हो जाएंगी।
जनाना अस्पताल के नए आइपीडी टॉवर में दो-मंजिला भूमिगत पार्किंग और ग्राउंड फ्लोर सहित तीन मंजिला बिल्डिंग बनाई गई है। इसमें दो मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और दो लेबर रूम होंगे। एक आइसीयू, नवजात शिशुओं के लिए नियोनेटल आइसीयू, पीडीयू और जनरल वार्ड भी तैयार किए गए हैं। कुल 319 बेड की व्यवस्था होगी। साथ ही एक्लेम्पसिया रूम, प्री-डिलिवरी वार्ड और ऑक्सीजन प्लांट सहित कई अन्य चिकित्सा सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।
जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नूपुर लोरिया ने बताया कि बिल्डिंग लगभग तैयार है। मशीनें और उपकरण खरीदे जा रहे हैं। इस महीने के अंत तक टॉवर की बिल्डिंग हैंडओवर हो जाएगी। इसके बाद जल्द ही सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी, जिससे मरीजों को लाभ मिलेगा।
महिला चिकित्सालय में 117 करोड़ रुपए की लागत से बन रहा आइपीडी टॉवर अंतिम चरण में है। ग्राउंड फ्लोर सहित 10 मंजिला इस टॉवर में ओटी, आइसीयू, एनआइसीयू, आइवीएफ, रजिस्ट्रेशन काउंटर और डीडीसी के अलावा कैफेटेरिया, कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशा वर्मा के अनुसार यह टॉवर करीब 6 महीने में पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसमें लगभग 500 बेड की सुविधा होगी। इसके शुरू होने से अस्पताल में उपलब्ध चिकित्सा सेवाएं लगभग दोगुनी हो जाएंगी।
Updated on:
08 Mar 2026 09:51 am
Published on:
08 Mar 2026 08:59 am
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