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नींद की बीमारी का सही समय पर इलाज जरूरी, लोगों को रात में होती है ज्यादा परेशानी, बार बार सांस रूकने की होती है परेशानी

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नींद से जुड़ा एक ब्रीदिंग डिसऑर्डर है।

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जयपुर। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नींद से जुड़ा एक ब्रीदिंग डिसऑर्डर है। इस बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति की नींद में सांस की दिक्कत आती है और उसे पता भी नहीं चलता। नींद में सांस रुकने की ये समस्या कुछ सेकंड्स से लेकर एक मिनट तक हो सकती है। प्रथम ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। सम्मेलन में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य मुख्य अतिथि डॉ. दीपक माहेश्वरी रहे। इस सम्मेलन में देश भर से 350 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

डॉक्टर्स ने बताया कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया में रात के समय कई बार श्वास रुक जाती है। यह विकार हृदयाघात, मधुमेह, कैंसर, यौन दुर्बलता जैसे गंभीर बीमारियों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। भारत में ओएसए की घटनाएं 70 फीसदी से अधिक हैं और यह एक छुपी हुई महामारी है, जो फूटने का इंतजार कर रही है।

इसके प्रति जागरूकता और सही समय पर इलाज बेहद आवश्यक है। इसके अलावा, यह खर्राटे, अत्यधिक दिन में नींद आना, सड़क दुर्घटनाएं, और बढ़ते तलाक जैसे लक्षणों का कारण भी बनता है। सीके बिरला हॉस्पिटल जयपुर के वाइस प्रेसिडेंट अनुभव सुखवानी ने कहा कि सम्मेलन में ईएनटी, एंडोक्राइनोलॉजी, डेंटल, पल्मोनोलॉजी, मनोचिकित्सा, चिकित्सा, गैस्ट्रो सर्जरी, और कार्डियोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टर शामिल हुए हैं।