
बस की जांच करते डिप्टी सीएम व इनसेट में हंगामा करती महिला। फोटो: पत्रिका
जयपुर। परिवहन विभाग की ओर से एक बस पर कार्रवाई के बाद विवाद खड़ा हो गया। डिप्टी सीएम एवं परिवहन मंत्री प्रेमचन्द बैरवा ने चौमूं में एक बस को रोककर कार्रवाई कर दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने उस बस को सीज कर दिया। इसके बाद यात्रियों ने बस छोड़ने की मांग करते हुए डीटीओ ऑफिस के बाहर हंगामा कर दिया।
बस खाटूश्यामजी से जयपुर होते हुए हरिद्वार जा रही थी। आयोजक अल्पेश पटेल ने आरोप लगाया कि दोपहर तीन बजे डिप्टी सीएम के निर्देश पर बस को सीज किया गया था। लेकिन देर रात तक बस को चालान बनाकर नहीं छोड़ा गया। आरोप है कि बस में यात्रियों के खाने पीने का सामान रखा, जो परिवहन अधिकारियों ने नहीं निकालने दिया।
आयोजकों का आरोप है कि विभाग ने हरिद्वार तक जाने के लिए बस की व्यवस्था करने को कहा। इधर, यात्री सूरत तक दूसरी बस की व्यवस्था करने पर अड़े रहे। देर रात तक महिला यात्रियों का चौमूं डीटीओ ऑफिस के बाहर हंगामा जारी रहा। बस सूरत से खाटूश्यामजी आई थी, जो वापस हरिद्वार होते हुए सूरत जा रही थी।
वाहन नबर एमपी-44-ZD-9944 बिना मापदंड के संचालित हो रही थी। इसमें 48 स्लीपर थीं। वहीं, बस 65 फीसदी ओवर हैंग थी। इसमें इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। बस बॉडी कोड AIS-052 के हर नियम का उल्लंघन करती मिली। यात्रियों को वैकल्पिक बस उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया, लेकिन वे बस छोड़ने पर अड़े रहे। मोटर वाहन निरीक्षक राजेश चौधरी ने कहा कि बस के खिलाफ धारा 52, 56, और 182 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
26 Oct 2025 07:52 am
Published on:
26 Oct 2025 07:52 am
