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Jaipur: प्रदूषण और बेतरतीब ट्रैफिक के बावजूद… जीने लायक अपना शहर, हेल्थ में अव्वल, सुरक्षा में दूसरे स्थान पर

जीवन गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में जयपुर देश के प्रमुख शहरों से आगे है। नंबियो की 2025 मिड-ईयर रिपोर्ट के अनुसार क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स में जयपुर को 149.9 अंक मिले हैं।

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Nambio-2025 Mid-Year Report: जीवन गुणवत्ता, स्वास्थ्य सेवाएं और सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में जयपुर देश के प्रमुख शहरों से आगे है। नंबियो की 2025 मिड-ईयर रिपोर्ट के अनुसार क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्स में जयपुर को 149.9 अंक मिले हैं, जिससे यह हैदराबाद 161 के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। यह रैंकिंग हेल्थ, सेफ्टी, ट्रैफिक, प्रदूषण और जीवन यापन की लागत जैसे विभिन्न सूचकांक पर आधारित है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर हेल्थ इंडेक्स में 72.9 अंक के साथ देश में शीर्ष पर है, जबकि सेफ्टी इंडेक्स में 65.2 अंकों के साथ अहमदाबाद के बाद दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि, प्रदूषण 61.1 और ट्रैफिक इंडेक्स (196.5) में शहर की स्थिति चिंताजनक रही है। वहीं, संपत्ति मूल्य के लिहाज से जयपुर देश के महंगे शहरों में गिना गया है, जबकि परचेजिंग पावर इंडेक्स में भी जयपुर 96.2 अंकों के साथ शीर्ष 10 शहरों में शामिल है।

रिपोर्ट में अच्छे संकेत…

  • क्वालिटी ऑफ लाइफ इंडेक्सआधारभूत, स्वास्थ्य व शिक्षा सुविधाओं में प्रगतिआधारभूत सुविधाओं का तेजी से विकास हुआ है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं भी विश्वस्तरीय स्तर की हैं। बाजार का तेजी से विस्तार हुआ है, जिससे लोगों को हर प्रकार के विकल्प सुलभ हो गए हैं।पैमाना
  • स्थानीय निवासियों की खरीद क्षमता
  • अपराध दर और सुरक्षा की अनुभूति
  • आवास, भोजन और परिवहन की कीमतें
  • आवागमन समय और जलवायु अनुकूलता

हेल्थ केयर इंडेक्स

कई सरकारी योजनाओं में निजी भी शामिल
कई राज्यों से लोग इलाज के लिए जयपुर आते हैं। सवाई मानसिंह अस्पताल में हर साल 10 लाख से अधिक मरीजों का इलाज होता है।

पैमाना

  • उपलब्धता, गुणवत्ता, लागत और मेनपॉवर
  • खर्च और बीमा कवरेज
  • मरीजों की संतुष्टि

सेफ्टी इंडेक्स

14 प्रतिशत कम हुए अपराध
सुरक्षा और लोगों की सुनवाई के लिए कुछ बदलाव किए गए। गत वर्ष की तुलना में 14 प्रतिशत अपराध कम हुए हैं। शहर में बड़ी संख्या में माइग्रेटेड आबादी रहने के बावजूद गंभीर अपराधों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है।
पैमाना

  • हिंसक व संपत्ति संबंधी अपराध कम
  • निवासियों की दिन या रात में अकेले चलने की सुरक्षा की भावना

रिपोर्ट में बुरे संकेत…

पॉल्यूशन इंडेक्स: सुधार की जरूरत
वाहनों पर नियंत्रण नहीं, सार्वजनिक परिवहन पूरा नहीं
जयपुर सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है। इसका कारण बढ़ते वाहन हैं। सार्वजनिक परिवहन सीमित है। मेट्रो का विस्तार शहर की जरूरत के हिसाब से नहीं हुआ। पर्याप्त सिटी बसें नहीं चलतीं,
पैमाना

  • वायु गुणवत्ता, पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य प्रदूषण का स्तर

- जल गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र की गुणवत्ता और प्रदूषण के आधार पर

ट्रैफिक इंडेक्स
अच्छी नहीं स्थिति, सुधार की जरूरत
देश में आठवां स्थान है। निजी वाहनों की संख्या और सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण से आवागमन की जगह कम पड़ने लगी हैं। परकोटे में तो लोग जाने से कतराते हैं। पहले भी तमाम रिपोर्ट में जयपुर के ट्रैफिक को खराब बताया जा चुका है।
पैमाना

  • औसत दैनिक आवागमन में लगने वाला समय
  • सड़क पर भीड़ और जाम की स्थिति

- सार्वजनिक परिवहन की सुविधा

प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स
संपत्ति मूल्य में महंगा शहर
महानगरों से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्राहकों को वे सुविधाएं मिल रही हैं, जो मुंबई, पुणे, गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहरों में मिलती हैं। पांच से सात करोड़ रुपए के फ्लैट और विला लोग यहां खरीद रहे हैं।
पैमाना

  • प्रति वर्ग मीटर आवासीय संपत्ति की औसत लागत
  • संपत्ति की कीमतों का औसत आय के साथ अनुपात

- आवासीय संपत्तियों का औसत किराया

परचेजिंग पावर इंडेक्स
जरूरत पडऩे पर दिल खोलकर खर्च
जयपुर मझले स्तर पर है। जयपुरवासी कमाई के बाद बचत करने में यकीन रखते हैं। जरूरत पडऩे पर ही खर्च करते हैं। जयपुर में शादी-विवाह और अन्य आयोजनों की विश्व स्तर पर धूम रहती है।
पैमाना

  • स्थानीय निवासियों की प्रति व्यक्ति आय
  • भोजन, आवास, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की लागत

- डिस्पोजेबल आय और खरीदारी की शक्ति

कोस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स
महंगा है जीवन, फिर भी बढ़ रहा रुझान
महंगा होने के बावजूद गुलाबी नगर लोगों को आकर्षित कर रहा है। लेकिन जीवन स्तर अपेक्षाकृत महंगा है। रिपोर्ट में जयपुर में किराए पर मकान लेने से लेकर होटल में ठहरना, भोजन,
भ्रमण आदि को महंगा बताया गया है।
पैमाना

  • किराया और संपत्ति की कीमतें
  • बिजली, पानी, इंटरनेट और अन्य सेवाओं की लागत
  • किराने और रेस्तरां की कीमतें
  • सार्वजनिक और निजी परिवहन की लागत

रिपोर्ट में बुरे संकेत…

पॉल्यूशन इंडेक्स: सुधार की जरूरत
वाहनों पर नियंत्रण नहीं, सार्वजनिक परिवहन पूरा नहीं
जयपुर सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल है। इसका कारण बढ़ते वाहन हैं। सार्वजनिक परिवहन सीमित है। मेट्रो का विस्तार शहर की जरूरत के हिसाब से नहीं हुआ। पर्याप्त सिटी बसें नहीं चलतीं,
पैमाना

  • वायु गुणवत्ता, पीएम 2.5, पीएम 10 और अन्य प्रदूषण का स्तर

- जल गुणवत्ता, ध्वनि प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र की गुणवत्ता और प्रदूषण के आधार पर

ट्रैफिक इंडेक्स
अच्छी नहीं स्थिति, सुधार की जरूरत
देश में आठवां स्थान है। निजी वाहनों की संख्या और सड़कों के दोनों ओर अतिक्रमण से आवागमन की जगह कम पडऩे लगी हैं। परकोटे में तो लोग जाने से कतराते हैं। पहले भी तमाम रिपोर्ट में जयपुर के ट्रैफिक को खराब बताया जा चुका है।
पैमाना

  • औसत दैनिक आवागमन में लगने वाला समय
  • सड़क पर भीड़ और जाम की स्थिति

- सार्वजनिक परिवहन की सुविधा

प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स
संपत्ति मूल्य में महंगा शहर
महानगरों से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्राहकों को वे सुविधाएं मिल रही हैं, जो मुंबई, पुणे, गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहरों में मिलती हैं। पांच से सात करोड़ रुपए के फ्लैट और विला लोग यहां खरीद रहे हैं।
पैमाना

  • प्रति वर्ग मीटर आवासीय संपत्ति की औसत लागत
  • संपत्ति की कीमतों का औसत आय के साथ अनुपात
  • आवासीय संपत्तियों का औसत किराया

प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स
संपत्ति मूल्य में महंगा शहर
महानगरों से बेहतर कनेक्टिविटी की वजह से प्रॉपर्टी खरीदने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ग्राहकों को वे सुविधाएं मिल रही हैं, जो मुंबई, पुणे, गुरुग्राम और दिल्ली जैसे शहरों में मिलती हैं। पांच से सात करोड़ रुपए के फ्लैट और विला लोग यहां खरीद रहे हैं।
पैमाना

  • प्रति वर्ग मीटर आवासीय संपत्ति की औसत लागत
  • संपत्ति की कीमतों का औसत आय के साथ अनुपात

- आवासीय संपत्तियों का औसत किराया

परचेजिंग पावर इंडेक्स
जरूरत पडऩे पर दिल खोलकर खर्च
जयपुर मझले स्तर पर है। जयपुरवासी कमाई के बाद बचत करने में यकीन रखते हैं। जरूरत पडऩे पर ही खर्च करते हैं। जयपुर में शादी-विवाह और अन्य आयोजनों की विश्व स्तर पर धूम रहती है।
पैमाना

  • स्थानीय निवासियों की प्रति व्यक्ति आय
  • भोजन, आवास, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की लागत

- डिस्पोजेबल आय और खरीदारी की शक्ति

कोस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स
महंगा है जीवन, फिर भी बढ़ रहा रुझान
महंगा होने के बावजूद गुलाबी नगर लोगों को आकर्षित कर रहा है। लेकिन जीवन स्तर अपेक्षाकृत महंगा है। रिपोर्ट में जयपुर में किराए पर मकान लेने से लेकर होटल में ठहरना, भोजन,
भ्रमण आदि को महंगा बताया गया है।
पैमाना

संबंधित खबरें

  • किराया और संपत्ति की कीमतें
  • बिजली, पानी, इंटरनेट और अन्य सेवाओं की लागत
  • किराने और रेस्तरां की कीमतें
  • सार्वजनिक और निजी परिवहन की लागत
  • सांस्कृतिक और अवकाश गतिविधियों की लागत

कोस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स
महंगा है जीवन, फिर भी बढ़ रहा रुझान
महंगा होने के बावजूद गुलाबी नगर लोगों को आकर्षित कर रहा है। लेकिन जीवन स्तर अपेक्षाकृत महंगा है। रिपोर्ट में जयपुर में किराए पर मकान लेने से लेकर होटल में ठहरना, भोजन,
भ्रमण आदि को महंगा बताया गया है।
पैमाना

  • किराया और संपत्ति की कीमतें
  • बिजली, पानी, इंटरनेट और अन्य सेवाओं की लागत
  • किराने और रेस्तरां की कीमतें
  • सार्वजनिक और निजी परिवहन की लागत
  • सांस्कृतिक और अवकाश गतिविधियों की लागत

क्या है यह रिपोर्ट

यह रिपोर्ट नंबियो वेबसाइट की ओर से नागरिकों के डेटा के आधार पर तैयार की जाती है और दुनियाभर के शहरों की जीवन स्थितियों का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। यह एक वैश्विक डेटाबेस है, जो नागरिकों से प्राप्त आंकड़ों और सर्वेक्षणों के आधार पर विभिन्न शहरों और देशों के लिए जीवन यापन से संबंधित सूचकांक एकत्र करता है। यह आंकड़े वर्ष 2025 की पहली छमाही के हैं।

रैंकिंग

  • सेफ्टी इंडेक्स
  1. अहमदाबाद - 68.2
  2. जयपुर - 65.2
  3. कोयंबटूर - 62.0
  • हेल्थ इंडेक्स
  1. जयपुर - 72.9
  2. चेन्नई - 69.7
  3. कोयंबटूर - 68.8
  • पॉल्यूशन इंडेक्स
  1. नोएडा - 91.2
  2. गुरुग्राम - 90.8
  3. दिल्ली - 90.2
  4. मुंबई - 83.3
  5. बेंगलूरु - 82.5
  6. जयपुर - 61.1
  • प्रॉपर्टी प्राइस इंडेक्स
  1. मुंबई - 29.6
  2. दिल्ली - 13.2
  3. कोयंबटूर - 12.0
  4. गुरुग्राम - 11.9
  5. तिरुवनंतपुरम - 9.7
  6. कोलकाता - 9.2
  7. जयपुर - 5.9
  • ट्रैफिक इंडेक्स
  1. कोलकाता - 269.3
  2. दिल्ली - 266.2
  3. मुंबई - 257.4
  4. बेंगलूरु - 252.3
  5. नोएडा - 215.7
  6. जयपुर - 196.5
  • परचेजिंग पॉवर इंडेक्स
  1. बेंगलूरु- 152.9
  2. हैदराबाद - 151.3
  3. नोएडा - 118.8
  4. पुणे - 118.0
  5. चेन्नई - 107.8
  6. जयपुर - 96.2
  • कॉस्ट ऑफ लिविंग इंडेक्स
  1. गुरुग्राम - 24.7
  2. मुंबई - 26.3
  3. पुणे - 23.2
  4. बेंगलूरु - 22.6
  5. हैदराबाद - 21.8
  6. जयपुर - 18.9

एक्सपर्ट बोले, ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत

देश के अन्य शहरों की तुलना में जयपुर में रहना अपेक्षाकृत बेहतर है। यहां बड़े शहरों के लिए एक्सप्रेस-वे, हवाई और रेल सेवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, परकोटे से लेकर नए शहर तक ट्रैफिक की समस्या बनी हुई है, जिस पर गंभीरता से काम किए जाने की आवश्यकता है। बीते वर्षों में ओवरब्रिज, फ्लाईओवर और एलिवेटेड रोड का निर्माण हुआ है, आगे भी कई परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। कच्ची बस्तियां, अतिक्रमण और अवैध निर्माण व्यवस्थित विकास में बाधा बन रहे हैं, जिन्हें नियंत्रित किया जाना जरूरी है। स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बेहतर हो रही हैं। आइपीडी टावर का कार्य अंतिम चरण में है, जिससे चिकित्सा सुविधाएं और सशक्त होंगी।
– प्रमोद जैन, सीनियर आर्किटेक्ट