
मुर्दाघर के बाहर गमगीन योगेश और अजय के पिता। फोटो पत्रिका
Jaipur Tunnel Accident : जयपुर में दोपहर की धूप जैसे ही मुर्दाघर की ठंडी दीवारों से टकराकर भीतर आई, उसी समय योगेश मीणा के पिता अजयपाल के कदम लड़खड़ाते हुए दरवाजे पर पड़े। आंखों में सूख चुके आंसुओं की परत और चेहरे पर छाया ऐसा गहरा दुख, जिसे शब्द भी छू नहीं सकते। जैसे ही उन्होंने कांपते हाथों से बेटे के पंचनामे पर हस्ताक्षर किए, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं।
कागज पर कलम चलने की आवाज ऐसा लग रहा था मानो किसी पिता का कलेजा टुकड़ों में टूट रहा हो। विलाप करते हुए वे सिर्फ इतना कह सके, ‘योगेश, तेरे जाने का सदमा मेरी भी जान ले लेगा।’ परिजन ने बताया कि योगेश 12वीं का छात्र था। घर में एक बहन, एक भाई और उन सबका लाडला योगेश। पिता खेती करते हैं, मां गृहिणी हैं। गांव में उसके जाने की खबर पहुंचते ही मातम का ऐसा सन्नाटा पसर गया, जिसे हवा भी छूने से डर रही थी।
आधार कार्ड के अनुसार योगेश मीणा की जन्मतिथि एक मार्च 2008 थी यानी वह नाबालिग था। वह अक्सर बिना हेलमेट के बाइक चलाते हुए वीडियो बनाता और इंस्टाग्राम पर डालता था। हादसे के वक्त भी वही बाइक चला रहा था। उसके अकाउंट पर सात हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। कई वीडियो पर एक मिलियन से भी अधिक व्यूज हैं। लेकिन रविवार की सुबह उसने जो आखिरी बार बाइक स्टार्ट की, वह सफर उसे घर नहीं, सीधे मुर्दाघर ले आया।
दूसरे मृतक अजय शर्मा के पिता श्यामसुंदर दौसा में चाट का ठेला लगाते हैं। दिनभर की कमाई जोड़कर दोनों बेटों, अजय और दुर्गेश को पढ़ाने का सपना उन्होंने जीवनभर आंखों में सहेजा। लेकिन रविवार को आई यह खबर उस बूढ़े पिता की उम्मीदों के पूरे आसमान को फाड़कर चली गई।
फार्मेसी का छात्र दुर्गेश रोते हुए सिर्फ इतना कह पाया, हम तीन भाई-बहन थे और सबसे छोटा अजय तो पूरे घर की जान था। उसके जाने से घर पर दुखों का पहाड़ टूट गया है। अजय 10वीं कक्षा में पढ़ता था। मां बेटे की तस्वीर देखते ही बेहोश हो गईं क्योंकि वह सिर्फ बेटा नहीं, उनके जीवन की धड़कन था।
टनल में हादसा होने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। दोनों छोर पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए, बाइक सवारों और ई-रिक्शा को रोकना शुरू किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर साइड पर घंटों तक अनाउंसमेंट गूंजता रहा, दुपहिया वाहन टनल में प्रवेश न करें। लेकिन कई बाइकर्स पुलिस को चकमा देकर टनल से गुजरते दिखे।
हादसे के वक्त का पूरा घटनाक्रम टनल में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ दिखाई देता है। फुटेज के अनुसार दुर्घटना का समय सुबह 10 बजकर 22 मिनट है। वीडियो में एक मिक्सर ट्रक आगे बढ़ता दिखाई देता है, जबकि पीछे से आ रहे छात्र तेज रफ्तार में अपनी बाइक को आगे निकालने की कोशिश करते हैं। इस दौरान उनकी बाइक एक ऑटो से टकरा जाती है। टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर पड़ते हैं और अगले ही पल मिक्सर ट्रक उन्हें कुचल देता है।
टनल के सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग कर रहे मुगीस अहमद ने बताया कि दुर्घटना होते ही उन्हें स्क्रीन पर हलचल दिखी। वह तुरंत बाहर की ओर दौड़े। मौके पर पहुंचते ही खून से लथपथ पड़े दोनों बच्चों के दृश्य ने उनके होश उड़ा दिए। मुगीस ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और अन्य लोगों की मदद से टनल में सेफ्टी बैरिकेड्स लगाकर रास्ता सुरक्षित कराया। मुगीस अहमद ने पत्रिका को सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया।
Q- पत्रिका ने मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछा, टनल में दुपहिया वाहनों पर पाबंदी है, फिर हादसे वाली बाइक कैसे पहुंची?
बचाव में उनका जवाब था, लोग मानते ही नहीं, रोकने पर भी घुस जाते हैं। उधर घाट की गुणी वाले रास्ते पर दुपहिया, ई-रिक्शा और छोटी लोडिंग गाड़ियों का इतना दबाव बढ़ा कि 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गलताजी मोड़ पर ट्रैफिक पुलिस जाम को खोलने में पसीना बहाती रही।
Updated on:
24 Nov 2025 01:08 pm
Published on:
24 Nov 2025 08:56 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
