पराली से बना कागज मजबूत और किफायती है। कच्चा माल भी सस्ता आता है, इसलिए ग्राहक को भी कम कीमत पर उपलब्ध हो जाता है। विदेशी बाजारों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। आने वाले समय में यह उद्योग यहां के छोटे व्यापारियों और किसानों दोनों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है।
राम प्रसाद सैनी, कागज व्यापारी, सांगानेर