यह उपलब्धि इसलिए भी खास रही, क्योंकि यशवीर ने पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स और मौजूदा ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अरशद नदीम जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए पोडियम पर जगह बनाई। कॉमनवेल्थ में पदक जीतने के बाद यशवीर ने पत्रिका से बातचीत में कहा, आखिरी थ्रो से पहले मुझे खुद पर पूरा भरोसा था। शुरुआती पांच प्रयास उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, लेकिन मैंने फोकस नहीं खोया। आखिरी मौका था और मैंने अपना पूरा दम लगा दिया। जैसे ही भाला 85 मीटर के पार गया, मुझे विश्वास हो गया कि कुछ बड़ा हो गया है।