
फाइल फोटो पत्रिका
Jaipur traffic : जयपुर शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और आमजन को सुगम एवं सुरक्षित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्तालय ने तकनीकी पहल की है। जयपुर में ट्रैफिक सिग्नल लाइट्स के ऑप्टिमाइजेशन के जरिए प्रमुख चौराहों और तिराहों पर यातायात संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाया गया है।
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के निर्देशानुसार जयपुर शहर के मुख्य मार्गों पर लगे ट्रैफिक सिग्नलों के साइकिल टाइम और यातायात दबाव का गहन अध्ययन किया गया। इस अध्ययन के तहत पीक आवर्स और सामान्य समय में वाहनों की संख्या की मॉनिटरिंग कर सिग्नल टाइमिंग में आवश्यक बदलाव किए गए।
यातायात पुलिस ने दबाव के अनुरूप शहर के 51 ट्रैफिक सिग्नल प्वाइंट्स को चिन्हित कर उनके टाइमिंग सिस्टम का ऑप्टीमाइजेशन किया है।
इनमें प्रमुख रूप से रामबाग चौराहा, नारायण सिंह सर्किल, त्रिमूर्ति सर्किल, गणेश मंदिर चौराहा, जेएलएन मार्ग चौराहा, राजस्थान विश्वविद्यालय गेट, रामनिवास बाग चौराहा, गणपति प्लाजा तिराहा, ज्योति नगर थाना मोड़, मालवीय नगर चौराहा, धोबीघाट चौराहा, गलता गेट चौराहा, हल्दीघाटी गेट, केवी-3 तिराहा, अपेक्स चौराहा, मॉडल टाउन, जगतपुरा बस स्टैंड, अक्षयपात्र चौराहा, एनआरआई चौराहा, दूध मंडी चौराहा, पीतल फैक्ट्री चौराहा, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, विद्युत नगर, खातीपुरा, कालवाड़ पुलिया, कांटा चौराहा, बोरिंग चौराहा, अंबाबाड़ी, पुरानी चुंगी, वनस्थली मार्ग, रामगढ़ मोड़, 200 फीट बाईपास, झारखंड मोड़, विजय पथ, नर्सरी सर्किल, डीडी पार्क, रेल नगर, शालीमार चौराहा, किसान मार्ग और अन्य स्थान शामिल हैं।
इन सभी स्थानों पर सिग्नल टाइमिंग को यातायात की वास्तविक स्थिति के अनुसार समायोजित किया गया है। परिणामस्वरूप पहले की तुलना में अब यातायात अधिक सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।
आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि आधुनिक तकनीक का समुचित उपयोग कर ट्रैफिक प्रबंधन को और प्रभावी बनाया जा रहा है। सिग्नल लाइट्स के साइकिल टाइम में बदलाव से अनावश्यक प्रतीक्षा समय कम हुआ है और जाम की स्थिति में भी कमी दर्ज की गई है। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा आधारित मॉनिटरिंग और रियल टाइम एनालिसिस से ट्रैफिक व्यवस्था को दीर्घकालीन रूप से बेहतर बनाया जा सकता है।
Published on:
02 Mar 2026 09:12 am
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