सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार सोशल मीडिया, भावनात्मक रिश्ते, धार्मिक प्रभाव और ऑनलाइन संपर्क इनके नए हथियार बन चुके हैं, जिनका मकसद भारत में किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देना है। एजेंसियां अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों, विदेशी नंबरों से संपर्क और डिजिटल बातचीत पर विशेष निगरानी रख रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि आतंकी संगठन अपनी पहचान छिपाने और सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।