3 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जयपुर में नामी संस्थान के हॉस्टल के खाने में मिले कीड़े, छात्रों का आरोप- एक महीने से खराब मिल रहा भोजन

CIPET Jaipur Mess Controversy: जयपुर के नामी संस्थान के हॉस्टल मेस में खाने में कीड़े मिलने से छात्र परेशान हैं। शिकायत के बाद भी सुनवाई न होने पर छात्रों ने विरोध जताया।
2 min read
Google source verification
CIPET Jaipur Mess Controversy

हॉस्टल के खाने में मिले कीड़े (Photo-Patrika)

जयपुर. सीतापुरा स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के छात्रावास में रहने वाले छात्रों ने मेस की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्रों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से मेस में परोसे जा रहे भोजन और सब्जी में कीड़े-मकोड़े मिल रहे हैं। इससे छात्रों में नाराजगी हैं और दूषित भोजन से स्वास्थ्य खराब होने की आशंका जताई जा रही है।

छात्रों का कहना है कि समस्या केवल दूषित भोजन तक सीमित नहीं है। पिछले करीब एक महीने से भोजन की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। कई बार रोटियां आधी पकी हुई परोसी जाती हैं तो कभी सब्जियां ठीक से नहीं पकाई जातीं। ऐसे में उन्हें मजबूरी में गुणवत्ताहीन भोजन करना पड़ रहा है।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि मेस में भोजन परोसने का कोई निश्चित समय नहीं है। कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी दिनचर्या और पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि लगातार अव्यवस्था के कारण हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जनसुनवाई पोर्टल पर भी सुनवाई नहीं

छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार मेस वार्डन और कॉलेज प्रशासन से शिकायत की। हर बार उन्हें जल्द व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया गया, लेकिन हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया। जब कॉलेज स्तर पर भी उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने राजस्थान सरकार के 181 जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई। छात्रों का आरोप है कि वहां शिकायत करने के बाद भी अब तक उनकी समस्या का कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ती जा रही है।

संस्थान का पक्ष

इस मामले में संस्थान के एचओडी आशीष शुक्ला ने बताया कि मेस में एक दिन खाने में कीड़े मिलने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए मेस का टेंडर बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कर्मचारियों की कमी होने की वजह से व्यवस्था प्रभावित हुई थी, लेकिन अब सभी जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं। उनका दावा है कि फिलहाल व्यवस्था ठीक है।