
Ex CM Ashok Gehlot in Jodhpur
राजस्थान कांग्रेस के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बीच छिड़ी जुबानी और रणनीतिक खींचतान ने सूबे की सियासत को पूरी तरह गरमा दिया है। हाल ही में पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं द्वारा पहले गहलोत के आवास पर जॉइनिंग करने और 'चौथी बार गहलोत सरकार' के नारे लगाने पर डोटासरा ने तंज कसा था कि "कांग्रेस किसी व्यक्ति की इंडिविजुअल ब्रांडिंग से नहीं चलती"। इस पृष्ठभूमि और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा गुटबाजी के लग रहे आरोपों पर जोधपुर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने स्थिति साफ की है।
गहलोत ने एक तरफ जहां डोटासरा का बचाव करते हुए बीजेपी पर उन्हें 'झूठा बदनाम' करने का आरोप लगाया, वहीं समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे नारों और डोटासरा के साथ रिश्ते पर बेबाक जवाब दिया।
जोधपुर में 'चौथी बार गहलोत सरकार' के नारों को लेकर पूछे गए सवाल पर पूर्व सीएम ने कहा कि वे कार्यकर्ताओं को ऐसी नारेबाजी से रोकने की कोशिश करते हैं। गहलोत ने कहा, "यह तो मैं ढाई साल से कार्यकर्ताओं को कह रहा हूं कि ऐसे नारे न लगाएं। कल तो कार्यकर्ताओं ने अति उत्साह में नारे लगा दिए, यह केवल 'एक्शन का रिएक्शन' था।"
पूर्व सीएम ने कहा, "जब हम साथ चलते हैं- जैसे डोटासरा जी भी पैदल मार्च में साथ चल रहे थे और लोग केवल मेरे जिंदाबाद के नारे लगाते हैं, तो मुझे खुद मन में बहुत संकोच होता है कि किसी और के नारे नहीं लग रहे हैं।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि कार्यकर्ताओं के दिल में जो भावना होती है, वे जुबान पर लाते हैं, उसे जबरन कैसे रोका जा सकता है? हालांकि, मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह फैसला हमेशा पार्टी हाईकमान ही करता है।
गहलोत-डोटासरा के बीच दरार और बीजेपी द्वारा इसे भुनाने की कोशिशों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए गहलोत ने डोटासरा का मजबूती से पक्ष लिया। पूर्व सीएम ने कहा कि विपक्ष का काम केवल झूठा नैरेटिव और परसेप्शन तैयार करना है। वे जानबूझकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लड़ाना और पीसीसी अध्यक्ष को बदनाम करना चाहते हैं।
गहलोत ने याद दिलाया, "मैंने एक बार बिड़ला ऑडिटोरियम में कह दिया था कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में करप्शन होता है—चाहे सरकार किसी की भी हो। तब डोटासरा जी ने मंच से कहा था कि अगर मैंने या मेरे स्टाफ ने एक रुपया लिया हो तो बताओ। तब किसी ने सहमति नहीं जताई।"
गहलोत ने साफ किया, "आज तक मुझे किसी ने नहीं कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा ने ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसे खाए हैं। जब मैंने कोई आरोप नहीं लगाया, तो विपक्ष किस मुंह से बोल रहा है? इससे विपक्ष की हताशा साफ दिखती है।"
मीडिया ने जब सवाल में पूछा कि क्या आपको डाउट है चौथी बार गहलोत सरकार पर? तो जवाब में पूर्व सीएम ने कहा, ''यह काम हमारा है ही नहीं। जो काम हमारे हाथ में नहीं हो, उसके बारे में हम बात करें ही क्यों? यह काम सिर्फ हाई कमांड का होता है और लगातार हाई कमांड चुनाव के बाद में, चुनाव के पहले जो माहौल देखती है प्रदेशों के अंदर, कोई प्रदेश हो, पब्लिक का क्या मिजाज है, जीत के आए MLA क्या प्रकट कर रहे हैं, क्या अपनी राय दे रहे हैं? हाईकमांड सर्वे भी करवाता है। सब जगह राज्यों के अंदर लगातार सर्वे चलते रहते हैं। हर पार्टी के। खाली कांग्रेस की बात नहीं है, तो उनके पास तो पल पल की खबर रहती है।'
गहलोत ने आगे कहा, ''पांच साल के सर्वे चलते हैं, राज्यों में क्या काम हो रहा, नहीं हो रहा है। उम्मीदवारों के सर्वे भी होते हैं। अब तो हमारे पास संस्थागत तरीके से राहुल गांधी जी ने टीम बना दी है, जिसका काम सर्वे करना ही है। टिकटों के लिए भी, तो कहने का मतलब कि यह काम उनका है। वो सब देखकर फैसला करते हैं। इसलिए इन बातों को लेकर चर्चा होनी नहीं चाहिए।'
पूर्व सीएम ने कहा, 'मेरा मानना है कि हम सब मिलकर काम करें। सरकार लाना डेमोक्रेसी को बचाने के लिए, राजस्थान में गवर्नमेंट बनना कांग्रेस के लिए आवश्यक है। देश की डेमोक्रेसी बचाने के लिए भी जरूरी है कि हमारी भागीदारी हो, जैसे हमने 11 सीटें जीता के भेजी यहां से । वो भी जो हमने काम किए थे पांच साल सरकार नहीं आ पाई कुछ कारणों से। कुछ कारण रहे, कुछ लोगों ने बदमाशी की होगी। कुछ भी किया पर सरकार हमारी आ नहीं पाई। आ सकती थी उस वक्त, हर आदमी की जबान पर है कि सरकार तो आनी थी हमारी और दुर्भाग्य से नहीं आई।'
गौरतलब है कि पिछले दिनों जयपुर में बागी होकर वापस आए महेंद्रजीत सिंह मालवीय और उनके समर्थक भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के कार्यकर्ताओं को लेकर सीधे पूर्व सीएम गहलोत के आवास पहुंचे थे। वहां कार्यकर्ताओं ने गहलोत को चौथी बार सीएम बनाने की नारेबाजी की। इसके बाद जब वे पीसीसी दफ्तर पहुंचे, तो पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने नाराजगी जताते हुए सार्वजनिक मंच से कहा था कि "मैं किसी व्यक्ति की ब्रांडिंग के लिए काम नहीं करता, केवल कांग्रेस के लिए करता हूं। व्यक्ति पूजा के कारण ही पार्टी चुनाव हारती है।"
डोटासरा के इस सख्त रुख के बाद गहलोत द्वारा जोधपुर में दी गई यह सफाई राजस्थान कांग्रेस के भीतर मचे सियासी घमासान को शांत करने की एक कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
Updated on:
03 Aug 2026 09:59 am
Published on:
03 Aug 2026 09:59 am
