
-पीएम की नसीहत का भी असर नहीं
कोटा। भाजपा के नेताओं पर शायद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अच्छे बर्ताव संबंधी नसीहत का कोई असर नहीं है। विवादों में रहने वाले पूर्व विधायक भवानी सिंह राजावत ने बुधवार को बिजली बिल अधिकतम 500 रुपए करने के लिए न सिर्फ कोटा में बिजली सप्लाई कर रही कंपनी के सीनियर कंज्यूमर ऑफिसर और जेईएन को धमका कर दवाब बनाया, बल्कि बात न मानने पर पूर्व विधायक ने भीड़ से घिरवा कर कान पकड़वाकर सरेआम बेइज्जत भी किया।
बॉम्बे योजना में बरसों से सैकड़ों लोग कटिया डालकर बिजली चोरी कर रहे थे। बिजली कंपनी लगातार इस इलाके में बिना किसी फाइल चार्ज के मौके पर ही बिजली कनेक्शन बांट रही है।
-समस्याएं समाधान के बहाने बुलाया
मुकेश गर्ग ने बताया कि पूर्व विधायक ने बॉम्बे योजना के लोगों की समस्याओं का निस्तारण करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी देकर कंपनी के प्रतिनिधियों को भेजने के लिए फोन किया था। जिस पर सीनियर कंज्यूमर ऑफिसर एसपी सिंह और जेईएन शोभित को बॉम्बे योजना भेज दिया गया। जब वह दोनों लोग मौके पर पहुंचे तो पूर्व विधायक ने उनसे बस्ती के लोगों को 500 रुपए से ज्यादा का बिजली बिल न भेजने का आश्वासन देने को कहा। जिससे इनकार करने पर वह भड़क गए। राजावत ने मौके पर मौजूद भीड़ से उन्हें घिरवा लिया और कान पकड़कर माफी मांगने एवं उठक-बैठक करने के लिए कहने लगे। इनकार करने पर भीड़ उन्हें मारने पर उतारू हो गई तो मजबूरन दोनों लोगों ने कान पकड़कर माफी मांगी तब वहां से जान बचाकर निकले।