
बिजली की सप्लाई ठीक करती टीम (फोटो-पत्रिका)
जयपुर। जयपुर डिस्कॉम के अधीन जयपुर और अन्य जिलों में बिजली शिकायतों के समाधान के लिए 476 करोड़ का टेंडर लेकर एफआरटी (फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम) का संचालन कर रही फर्म परेशानी का सबब बन गई है। शनिवार को राखी के त्योहार पर हालात ऐसे रहे कि हड़ताल पर बैठे एफआरटी कर्मियों की कमी से डिस्कॉम प्रबंधन के सभी वैकल्पिक इंतजाम बौने साबित हुए।
बिजली गुल की शिकायतें कॉल सेंटर पर दर्ज होती रहीं, लेकिन फील्ड में एफआरटी टीम न होने के कारण शिकायतों का समाधान नहीं हुआ। उधर, राखी का त्योहार मनाने में व्यस्त बिजली इंजीनियर पूरी तरह से फेस्टिव मूड में दिखे और दिन भर भगवान से यही प्रार्थना करते रहे कि बिजली तंत्र में कोई बड़ा फॉल्ट न आए। अब सोमवार को ही इंजीनियर और प्रबंधन के आला अधिकारी उपभोक्ताओं की सुध लेंगे।
प्रबंधन ने सब-डिवीजनों में तैनात तकनीकी कर्मचारियों और ठेकेदार के कर्मचारियों की दो अलग-अलग टीमें बनाईं, जो बिजली गुल की शिकायतों पर दौड़ती रहीं। लेकिन शाम तक ये टीमें थककर पस्त हो गईं, क्योंकि तकनीकी कर्मचारियों को एफआरटी कर्मियों जैसा फील्ड अनुभव नहीं था।
एफआरटी के बिना बिजली गुल की शिकायतों के समाधान में जुटे फील्ड इंजीनियरों ने कहा कि कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने बिजली गुल की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कॉल सेंटर से समाधान बताते हुए शिकायत बंद करने का मैसेज मोबाइल पर आ गया।
त्योहार के दिन से लेकर विद्युत भवन में बैठे डिस्कॉम के आला अधिकारी भी पूरी तरह से फेस्टिव मूड में रहे। अब रविवार को अवकाश रहेगा। एफआरटी हड़ताल खत्म कराने या फर्म के खिलाफ कार्रवाई अब सोमवार को ही होगी, जब कार्यालय खुलेगा।
Updated on:
10 Aug 2025 09:22 am
Published on:
10 Aug 2025 09:18 am
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