
सांसद कोली और नेता प्रतिपक्ष कटारिया ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जयपुर। भरतपुर के जिला आरबीएम अस्पताल में रिश्वत लेते पकड़े गए चिकित्सक डॉ. अनिल गुप्ता को बिना गिरफ्तारी के एसीबी के छोडऩे पर विवाद बढ़ता जा रहा है।अब क्षेत्रीय सांसद रंजीता कोली ने राज्य सरकार और चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कोली ने कहा कि आरोपी चिकित्सक को राज्यमंत्री डॉ. गर्ग के कहने पर छोड़ा गया है। कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो प्रदेश में दबाव में काम कर रहा है। इसके चलते उसे भ्रष्टचारियों को छोडऩा पड़ रहा है। एसीबी की कार्रवाई में इस तरह की दखलअंदाजी रही तो यह संस्था कमजोर पड़ जाएगी और लोग भ्रष्ट कार्मिकों के खिलाफ शिकायत करने से बचेंगे। सांसद ने कहा कि एसीबी को इस तरह के मामले में निष्पक्ष होते हुए कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे आरोपी को सजा मिल सके। कोली ने कहा कि आरोपी के रंगे हाथ पकड़े जाने के बाद भी उसे आसानी से छोडऩा कहीं न कहीं एसीबी पर दबाव होना माना जा रहा है।
कटारिया ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जयपुर। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने एसीबी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आरबीएम अस्पताल में डॉ. अनिल गुप्ता को पहले रंगे हाथों पकडऩा और 12 घंटे बाद जमानत देने पर कटारिया ने एसीबी को कटघरे में खड़ा किया। कटारिया ने कहा कि आखिर किसके कहने से अचानक अनिल गुप्ता की जमानत हो गई। मेरी एसीबी के डीजी से भी बात हुई थी। उन्होंने कोरोना काल में डॉक्टरों की आवश्यकता का हवाला दिया। ऐसे में सवाल किया कि फिर तो 2—3 घंटे में छोड़ देते। 12 घंटे भी जमानत में क्यों लगाए गए? कटारिया ने कहा कि मेरे जीवन में ऐसा उदाहरण पहली बार सामने आया है।
Published on:
10 Aug 2021 12:25 am
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