
जयपुर। जेडीए ने निम्स यूनिवर्सिटी परिसर की उन चार अवैध इमारतों को केवल 4 दिन में जमींदोज कर दिया, जिन्हें ध्वस्त करने में विशेषज्ञों ने 10—12 दिन और पचास लाख रुपए का खर्चा बताया था। कार्रवाई के चौथे दिन सोमवार को चौथी इमारत को ध्वस्त करते ही अफसरों ने राहत की सांस ली। साथ ही बड़ी उपलब्धि पर उच्चाधिकारियों ने अफसरों की पीठ थपथपाई।
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अंतिम इमारत को गिराने में ज्यादा सावधानी बरती गई, क्योंकि उससे सटी हुई दूसरे हॉस्टल भी थे, जिसमें विद्यार्थी रह रहे थे। इसके लिए पहले दो मंजिल को नीचे गिराया गया और फिर बाकी को ध्वस्त किया। अब इस मलबे को हटाने का काम शुरू होगा। इसमें 5 से 7 दिन लगेंगे। जेडीए अधिकारियों के मुताबिक इस मलबे को नीलाम किया जाए या फिर अन्य किस तरह से हटाने की प्रक्रिया हो, इस पर मंगलवार को निर्णय होगा। कारण, मलबे भारी मात्रा में लोहा व अन्य निर्माण सामग्री है।
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ये अफसर रहे सक्रिय
कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक राहुल जैन, मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) राजेन्द्र सिसोदिया, उप नियंत्रक (प्रवर्तन) सीमा भारती, अधीक्षण अभियंता निरंजन माथुर, अधिशासी अभियंता बी.डी. शर्मा, प्रवर्तन अधिकारी लक्ष्मण सिंह बाना सहित टीम के अन्य अफसर सक्रिय रहे।
जेडीसी को मिलीं ध्वस्त इमारतें
जेडीसी वैभव गालरिया के जयपुर पहुंचने के दिन ही चारों इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। जेडीसी ने विदेश (बार्सिलोना) जाने से पहले अफसरों को निर्देश दिए थे कि उनके लौटने से पहले कार्रवाई हो जानी चाहिए। इसके बाद अफसरों ने तेजी से काम शुरू किया। जेडीसी सोमवार को ही विदेश से लौटे हैं।
Published on:
20 Nov 2017 10:18 pm
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