
आधे से अधिक शहरवासियों को अब से पंद्रह दिन पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी। आधे शहर में अब पानी की सप्लाई एक समय होगी। हालांकि कई इलाकों में पानी की सप्लाई का समय बढ़ाया गया है। लाइनिंग का काम पूरा करने के लिए ली गई गंगनहर की बंदी एक और जहां लाखों किसानों को पीड़ा देगी वहीं आधे से अधिक शहरवासी भी इससे परेशान होंगे। अब तक अक्सर अप्रैल में नहर बंदी होती रही है लेकिन इस बार फरवरी में ही बंदी ले ली गई है। शहर के जिस एरिया में पानी की सप्लाई नाथांवाली स्थित वाटर वक्र्स से होती है, उन सभी इलाकों को ये किल्लत झेलनी पड़ेगी। इस वजह से नाथांवाली स्थित स्टोरेज टैंक में अब स्टोरेज पानी से ही बंदी में काम चलाना पड़ेगा।
जलदाय विभाग सक्रिय
श्रीबिजयनगर. गंगनहर में गुरुवार से नहरबंदी की जा रही है। नहरबंदी को लेकर जलदाय विभाग सक्रिय हो गया है। विभाग की ओर से डिग्गियों में पेयजल का भण्डारण किया जा रहा है। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता रामकुमार ज्याणी के अनुसार नहरबंदी के मद्देनजर वाटर वक्र्स की चारों पेयजल डिग्गियों में पानी का भण्डारण कर लिया गया है। यह पानी एक माह तक उपभोक्ताओं को सप्लाई किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नहरबंदी अधिक रहती है, तो एक दिन छोड़कर पेयजल सप्लाई की जाएगी।
जैतसर. गांव में भी एक माह का पेयजल का भण्डारण किया जा चुका है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता दीपक गोदारा के अनुसार पेयजल डिग्गियों में पानी का भण्डारण किया जा रहा है। वर्तमान में दो खाली व एक पेयजल डिग्गी भरी हुई है। कस्बे में तीस दिन तक पानी पेयजल स्टॉक है।
पदमपुर. गंगनहर की बंदी को देखते हुए वाटरवक्र्स में पानी का प्र्याप्त स्टॉक है। जलदाय विभाग के सहायक अभियंता महेंद्र सिंह ने बताया कि वाटरवक्र्स की डिग्गियों में 30 दिन के पानी का स्टॉक है। अभी पानी सप्लाई में कोई कटौती नहीं की जाएगी। उधर भारतीय किसान संघ के सह मंत्री गोपीराम शर्मा ने विरोध करते हुए कहा की यह नहरबंदी खेती के लिए सही नहीं है इस नहर बंदी का विपरीत गेहूं की खेती पर विपरित प्रभाव पड़ेगा।
रायसिंहनगर. शहर के वाटर वक्र्स में पेयजल का पूरा भंडारण है। जलदाय विभाग के एईएन ने बताया कि शहर को नहरबंदी के दौरान तीस दिन तक पानी दिया जा सके इतना स्टॉक हमारे पास है।
बंदी के कारण किया परिवर्तन
एक्सईएन सिटी वीके जैन के अनुसार नई व्यवस्था 29 फरवरी तक लागू रहेगी। नहर बंदी के चलते एेसा किया गया है। हो सकता है कि दो चार दिन और भी लग सकते हैं। उधर, सद्भावनानगर, विकासपुरी और पत्रकार कॉलोनी आदि एरिया के समय में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
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