1 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में रिलीज़ हो फिल्म पद्मावत, कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सरकार की: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court Decision on Padmavat: सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश में संशोधन करने से इनकार कर दिया है ।

2 min read
Google source verification
padmavat supreme court

जयपुर।

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म पद्मावत की रिलीज के खिलाफ मध्यप्रदेश, राजस्थान और करणी सेना की याचिका को खारिज कर दिया है । चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुप्रीम कोर्ट के पहले के आदेश में संशोधन करने से इनकार कर दिया है । कोर्ट ने राज्यों से कहा कि फिल्म की रिलीज पर सुरक्षा मुहैया कराई जाए । कोर्ट ने कहा कि कुछ संगठनों की धमकी पर सुनवाई नहीं कर सकते हैं ।

सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म का विरोध करने के लिए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा को फटकार लगाई । कोर्ट ने कहा कि जब डिस्क्लेमर लगाया गया है तो विरोध क्यों । कोर्ट ने कहा कि क्षत्रिय महासभा से कहा कि आप अपने कार्यकर्ताओं को डिस्क्लेमर के बारे में बताइए । फिल्म ये नहीं कह रहा है कि वो इतिहास बता रहा है । कोर्ट ने राज्यों को उसके आदेश का पालन करने का निर्देश दिया।


गौरतलब है कि फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज रोकने के लिए राजस्थान और मध्य प्रदेश की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका लगाई गई थी। दोनों राज्यों की मांग की थी कि इस फिल्म को रिलीज करने के फैसले पर तुरंत रोक लगाई जाए क्योंकि इससे कानून व्यवस्था भंग हो सकती है।

गौरतलब है कि करणी सेना के नेताओं के साथ एक बैठक के बाद राजस्‍थान के गृहमंत्री कटारिया ने कहा था सरकार का मानना है कि आमजन की भावनओं का ध्यान रखा जाये। वहीं मध्य प्रदेश की तरफ से भी कहा गया था कि अगर कानून व्यवस्था की दिक्कत आती है तो राज्य सरकार को फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने का अधिकार दिया जाए क्योंकि फिल्म से शांति भंग होने की आशंका है। राज्यों को कानून के तहत ये अधिकार है कि वो ऐसे हालात में फिल्म पर बैन लगा सकता है। लेकिन 18 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में फिल्म के बैन के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी।


गौरतलब है कि फिल्म पद्मावत में कई तरह की कांट-छांट के बाद सेंसर बोर्ड ने रिलीज करने की अनुमति दी थी लेकिन उसके बाद भी राजपूत समुदाय और करणी सेना की ओर से लगातार प्रदर्शन कर रहा है। समाज से जुडी महिलाओं ने हाथों में तलवारें थाम कर आक्रोश भी जाता था। उन्‍होंने कहा कि अगर पद्मावत फिल्‍म पर रोक नहीं लगाई गई तो वह जौहर करेंगी। हालांकि बाद में इसे इच्छा मृत्यु की मांग करने पर बदल दिया गया।