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पद्मावती रिलीज हुई तो परिणाम घातक होंगे: करणी सेना; ऐसी फिल्मों से क्या दिखाना चाहते हैं भंसाली: मुस्लिम बोले

इस फिल्म को रिलीज करने से पहले जो भी आपत्तिजनक दृश्य है, उनको हटाया जाए।
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जयपुर

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Vijay ram

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Updated: 13 Nov 2017, 8:38 PM IST

Padmavati Row: Protest against Sanjay Leela Bhansali

जयपुर . राजपूत करणी सेना की अगुवाई में कई समाज के लोगों ने सोमवार को जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर पद्मावती फिल्म को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद करणी सेना ने कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप कर फिल्म पर पाबंदी लगाने की मांग की। करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष अजीत सिंह मामडोली समेत कई नेताओं ने कहा कि संजय लीला भंसाली को जयपुर में हुआ उनका विरोध याद नहीं रहा, इसलिए बार-बार उनको राष्ट्रव्यापी पाठ पढ़ाया जाएगा।

यदि यह फिल्म प्रदर्शित की जाती है तो सम्पूर्ण देश सुलग उठेगा। भंसाली ने राजपूत समाज सहित पूरे हिन्दू धर्म की भावनाओं को दरकिनार करते हुए फिल्म रिलीज की तो इसके परिणाम घातक होंगे। जिन सतीमाता पद्मावती ने मान सम्मान और स्वाभिमान के लिए 16 हजार सभी धर्म व समाजों की वीरांगाओं के साथ जौहर किया, उनके इस बलिदान को हम किसी भी सूरत में धूमिल नहीं होने देंगे। इसलिए सरकार से मांग है कि इस फिल्म को रिलीज करने से पहले जो भी आपत्तिजनक दृश्य है, उनको हटाया जाए।

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यदि हटाया जाना सम्भव न हो तो इस फिल्म को देश और विदेश में प्रतिबंधित किया जाए। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री राधेश्याम सिंह तंवर, गौरक्षा मण्डल के राष्ट्रीय संयोजक छगन सिंह राठौड़, करणी सेना के जयपुर जिलाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, प्रदेश प्रवक्ता विक्रम प्रताप सिंह, जयपुर जिला उपाध्यक्ष अमरीश वर्धन सिंह, जिला संयोजक विजय प्रताप झाझड़, गिरिराज सिंह मणकसास, ब्राह्मण समाज के पं. मनोज पारीक, कुमावत समाज के अनिल कुमावत, मीणा समाज के ईश्वर मीणा, माहेश्वर समाज के जयदेश माहेश्वरी, जाट समाज के दीपक चौधरी, वाल्मिकी समाज के अमित लहरी और

कई समाज की ओर से प्रदर्शन
मुस्लिम समाज के शाहनवाज अंसारी, शमशाद अली, मुख्ताार भाई, रैगर समाज नवनिर्माण महासमिति के मुरारी मौर्य जी व राजपूत समाज के युवा अध्यक्ष भवानी निकेतन जितेन्द्र सेनणी, शैलेन्द्र भगवतपुरा व भरत सिंह कुकनवाली, अशोक सिंह शेखावत आदि लोग उपस्थित थे। मुस्लिमों ने भी कहा कि क्या भंसाली ऐसी फिल्मों से सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ना चाहते हैं? पद्मावती से लोगों की भावनाएं आहत होंगी तो क्या वे दंड भुगतने को तैयार हैं? वहीं, मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने फिल्म का समर्थन किया। राजस्थान के कई जिलों में मुस्लिम समाज राजपूतों के साथ आ गया है।

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