
PM KUSUM Scheme (Patrika File Photo)
जयपुर: मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने कहा कि किसानों को सस्ती एवं सर्वसुलभ सौर ऊर्जा से जोड़ने की दृष्टि से पीएम कुसुम योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने राजस्थान डिस्कॉम्स को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में इस योजना के क्रियान्वयन को और गति प्रदान करते हुए आवंटित लक्ष्यों को चरणबद्ध रूप से हासिल करने की कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि मार्च-2026 तक 3 हजार मेगावाट की परियोजनाएं विकसित की जाएं।
मुख्य सचिव ने सोमवार को शासन सचिवालय में पीएम कुसुम योजना तथा विद्युत वितरण निगमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में विगत समय में राजस्थान विकेन्द्रित सौर ऊर्जा का हब बनकर उभरा है। कुसुम कम्पोनेंट-ए में सर्वाधिक क्षमता की विकेन्द्रित सौर परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। वहीं, कम्पोनेंट-सी में राजस्थान देश में दूसरा अग्रणी राज्य बन गया है। डिस्कॉम्स दोनों ही घटकों में प्रदेश को सिरमौर बनाने का लक्ष्य निर्धारित करने के लक्ष्य के साथ जुटें।
मुख्य सचिव ने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस योजना के माध्यम से आज प्रदेश में 1 लाख 75 हजार किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली सुलभ हो रही है और प्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसके जरिए प्रदेश के सौर ऊर्जा क्षेत्र में 40 हजार करोड़ का निवेश होने जा रहा है, जो कि निश्चय ही अभूतपूर्व उपलब्धि है।
मुख्य सचिव ने कहा कि कम्पोनेंट-ए में भारत सरकार द्वारा आवंटित 5,250 मेगावाट तथा कम्पोनेंट-सी में 5,367 मेगावाट के स्वीकृत लक्ष्यों पर आगे बढ़ते हुए दोनों घटकों में कुल 10 हजार 634 मेगावाट क्षमता के बिजली खरीद अनुबंध संपादित किए जा चुके हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द स्थापित करने पर जोर दिया। मुख्य सचिव ने कम्पोनेंट-सी में केंद्रीय वित्तीय सहयोग के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर उचित समन्वय करने के निर्देश दिए, ताकि सौर परियोजनाएं विकसित करने वाले किसानों तथा डवलपरों को यथाशीघ्र सहायता सुलभ कराई जा सके।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा ने मुख्य सचिव को आश्वस्त किया कि निचले स्तर तक बेहतर मॉनीटरिंग से निर्धारित लक्ष्यों को हासिल किया जाएगा। प्रमुख सचिव कृषि मंजू राजपाल ने कुसुम योजना के घटक बी की प्रगति के बारे में बताया।
राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने अवगत कराया कि विगत दो वर्ष में जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर विद्युत वितरण निगम द्वारा कुसुम योजना में धरातल पर काम किया गया है। इसका परिणाम है कि राज्य में 2700 मेगावाट से अधिक की परियोजनाएं विकसित की जा चुकी हैं।
इसी प्रकार उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाएं सुगमता एवं तत्परता से सुलभ कराई जा रही हैं। प्रदेश में प्रतिमाह औसतन 35 हजार से अधिक घरेलू कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं। विगत दो वर्ष में 70,381 कृषि कनेक्शन जारी किए गए हैं। जोधपुर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल तथा अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक केपी वर्मा ने भी प्रगति की जानकारी दी।
Updated on:
06 Jan 2026 12:00 am
Published on:
06 Jan 2026 12:00 am
