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सांगानेर में रंगाई-छपाई उद्योग से मिल रहा प्रदूषण का दर्द, बस्सी में नहीं ठहरती एक्सप्रेस ट्रेन

सांगानेर कपड़ों की छपाई के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की कुर्ती इंटरनेशनल ट्रेंड में है। रंगाई-छपाई उद्योग जहां रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है, वहीं प्रदूषण का भी बड़ा कारण है।

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Rajasthan assembly election 2023 ground report Bagru Chaksu Sanganer Bassi

संदीप पुरोहित/ जयपुर। सांगानेर कपड़ों की छपाई के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यहां की कुर्ती इंटरनेशनल ट्रेंड में है। रंगाई-छपाई उद्योग जहां रोजगार का सबसे बड़ा जरिया है, वहीं प्रदूषण का भी बड़ा कारण है। जयपुर में सब्जियों के उत्पादन में सांगानेर का बड़ा योगदान है, लेकिन यहां अधिकांश सब्जी गंदे नाले के पानी से पैदा की जा रही है।

इस पर खूब चर्चा हो चुकी है, पर हल नहीं निकला है। सांगानेर शहर का हिस्सा है, लेकिन यहां के लोगों को सुविधाओं की दरकार है। अजमेर रोड स्थित कमला नेहरू नगर में हेमराज ने कहा, अजमेर रोड से लगने वाली 50 से अधिक कॉलोनियों में जलभराव की समस्या विकट है।

श्योपुर रोड की कॉलोनियों के लोगों को पेयजल नहीं मिल रहा। हर माह ढाई हजार से तीन हजार रुपए तो पानी के टैंकर में खर्च हो रहे हैं। सांगानेर विधानसभा क्षेत्र की 400 से अधिक कॉलोनियों में सीवर लाइन और ड्रेनेज सिस्टम की जरूरत है। मालपुरा गेट और सांगानेर मुख्य बाजार में जाम रहता है।