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Rajasthan: डिजिटल युग में निरक्षर होना कलंक के समान, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का बयान

राजस्थान में इस वर्ष 30 लाख निरक्षरों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि अगले 3 वर्षों में राज्य साक्षरता में शीर्ष तीन में होगा। उन्होंने प्रखर राजस्थान चल पुस्तकालय का उद्घाटन और साक्षरता पुस्तिका का विमोचन भी किया।
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जयपुर

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Arvind Rao

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Updated: 9 Sep 2025, 8:14 AM IST

Minister Madan Dilawar

साक्षरता पुस्तिका का विमोचन करते हुए (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: राजस्थान में इस वर्ष 30 लाख निरक्षरों को साक्षरता से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 23 लाख निरक्षरों का सर्वे किया जा चुका है। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 3 वर्षों में राजस्थान साक्षरता के मामले में देश में शीर्ष तीन स्थानों पर रहे। यह कहना है शिक्षामंत्री मदन दिलावर का।

बता दें कि मंत्री मदन दिलावर सोमवार को यहां हरिश्चंद्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान में साक्षरता एवं सतत शिक्षा विभाग की ओर से उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। दिलावर ने कहा कि डिजिटल युग में असाक्षर होना कलंक के समान है। एक साक्षर व्यक्ति पूरे परिवार को उन्नति की दिशा में आगे बढ़ा सकता है।

उन्होंने कहा कि नवसाक्षर बंधुओं ने मंच से जितने प्रभावशाली तरीके से अपनी बात रखी है, वह सराहनीय है। साक्षरता प्रेरक के काम की प्रशंसा करते हुए दिलावर ने कहा कि आप अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन इसकी रफ्तार को और तेज करना होगा, ताकि तेज गति से प्रदेश से निरक्षरता के कलंक को समाप्त किया जा सके।

राजस्थान चल पुस्तकालय का उद्घाटन

कार्यक्रम के प्रारंभ में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने प्रखर राजस्थान चल पुस्तकालय का उद्घाटन किया। शिक्षा मंत्री की ओर से साक्षरता ब्रोशर और साक्षरता पुस्तिका का विमोचन भी किया।

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