1 अप्रैल 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान की सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा : 25 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल… 3200 बसों के बेड़े पर है लाखों बेरोजगारों को ढोने का भार

राजस्थान में 19 सितंबर से होने वाली चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा के दौरान बसों की किल्लत के कारण एक बस के दो से अधिक फेरे लगाए जाएंगे। वहीं, नाइट ड्यूटी ऑफ के बाद भी बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान अभ्यर्थियों की यात्रा मुफ्त रहेगी।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

image

विजय शर्मा

Sep 12, 2025

Rajasthan Roadways bus

राजस्थान रोडवेज बस (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा का आयोजन 19 सितंबर से किया जाएगा। तीन दिन चलने वाली यह परीक्षा इस वर्ष की सबसे बड़ी परीक्षा होगी। परीक्षा में 24.75 लाख अभ्यर्थी बैठेंगे। परीक्षा छह पालियों में होगी। परीक्षा के दौरान रोडवेज बसों में बेरोजगारों का भार बढ़ेगा। कारण परीक्षा के दौरान बेरोजगारों को रोडवेज बसों में निःशुल्क सफर कराया जाएगा।

इस बीच रोडवेज की सीमित बसों में रोज आठ लाख बेरोजगार सफर करेंगे। ऐसे में भर्ती परीक्षा के दौरान बेरोजगारों को सुरक्षित सफर कराना रोडवेज के लिए चुनौती से कम नहीं होगा। रोडवेज के पास महज 3200 बसें संचालित हैं। इनमें 800 बसें कबाड़ हैं। ऐसे में रोज करीब 100 बसों का मेंटेनेंस के कारण संचालन नहीं हो पाता। अभ्यर्थियों की संख्या अधिक होने के कारण सभी बसों का संचालन किया जाएगा।

ड्यूटी ऑफ के बाद भी होगा बसों का संचालन

रोडवेज बस चालकों को 8 घंटे ड्यूटी का नियम है। ऐसे में एक बस से न्यूनतम 200 किलोमीटर रूट पर दो फेरे लगाए जाते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा के दौरान बसों की किल्लत के कारण एक बस के दो से अधिक फेरे लगाए जाएंगे। वहीं, नाइट ड्यूटी ऑफ के बाद भी बसों का संचालन किया जाएगा।

लोक-परिवहन को भी किया गया था मुफ्त

गत कांग्रेस सरकार ने बेरोजगारों को भर्ती परीक्षा के दौरान निःशुल्क सफर कराने के लिए रोडवेज के साथ लोक परिवहन बसों को भी शामिल किया था। सरकार ने लोक परिवहन सेवा की निजी बसों को भुगतान भी किया। लेकिन वर्तमान सरकार की ओर से सिर्फ रोडवेज की सीमित बसों में ही बेरोजगारों को यात्रा कराई जा रही है। ऐसे में बसें ओवरलोड हो जाती हैं।

किस जिले में कितने अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

  • जयपुर - 4,50,000
  • जोधपुर - 1,74,000
  • अजमेर - 1,08,000
  • कोटा - 1,08,000
  • अलवर - 1,26,000
  • बीकानेर - 1,08,000
  • उदयपुर - 2,10,000

(इसके अलावा अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बैठेंगे)