
फाइल फोटो पत्रिका
Rajasthan Gold : राजस्थान में सोने के भंडार मिलने के बाद अब इनके खनन को लेकर सरकार ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने बांसवाड़ा और सलूंबर जिलों में दो नए ब्लॉक चिन्हित कर इन पर कम्पोजिट लाइसेंस (सीएल) जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। जिन कंपनियों को ये ब्लॉक आवंटित होंगे, वे यहां सोने की खोज के साथ खनन भी कर सकेंगी। इससे पूर्व भी बांसवाड़ा जिले में दो सोना खदानों की नीलामी की गई थी, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी न होने और कानूनी विवाद के चलते दोनों आवंटन निरस्त करने पड़े थे।
विभाग अब बांसवाड़ा जिले के कांकरिया तथा सलूंबर जिले के डगोचा में गोल्ड खनन के लिए चिन्हित ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। माना जा रहा है कि दोनों स्थानों पर सोने के पर्याप्त भंडार मौजूद हैं। इन ब्लॉकों के लिए 15 दिसंबर तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू होगी। पूर्व में भी यहां नीलामी का प्रयास किया गया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी।
खान विभाग ने इससे पहले बांसवाड़ा जिले की घाटोल तहसील के भूकिया-जगपुरा तथा कांकरिया-गारा गांवों में 2 गोल्ड खदानों की नीलामी की थी। इनमें से एक खदान के लिए मंशा पत्र जारी कर दिया गया था और कंपनी ने करीब 100 करोड़ रुपए भी जमा करा दिए थे।
बाद में कानूनी प्रक्रिया के चलते आवंटन निरस्त करना पड़ा और मामला न्यायिक प्रक्रिया में चला गया। दूसरी खदान में कंपनी आवश्यक कागजी कार्यवाही पूरी नहीं कर सकी, जिसके कारण मंशा पत्र जारी नहीं हो पाया।
खनन विभाग ने गारनेट, बेसमेटल, कॉपर, लैड और जिंक जैसे महत्वपूर्ण खनिजों के ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया भी शुरू की है। बेसमेटल ब्लॉक बीकानेर, चित्तौड़गढ़ और उदयपुर में चिन्हित किए गए हैं। उदयपुर के लड़ाना ब्लॉक में कॉपर, चित्तौड़गढ़ के भभरिया का खेड़ा ब्लॉक में कॉपर सहित अन्य खनिज, जबकि भीलवाड़ा के खामोर ब्लॉक में कॉपर, लैड और जिंक की खोज व खनन होगा। इसी प्रकार टोंक जिले में गारनेट के तीन ब्लॉक कम्पोजिट लाइसेंस के लिए चिन्हित किए गए हैं। इसके साथ ही जैसलमेर की लाइमस्टोन की 2 खदानों की नीलामी भी प्रस्तावित है।
राज्य में 18 से ज्यादा गोल्ड ब्लॉक चिन्हित किए जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक भंडार बांसवाड़ा जिले में मिले हैं, जहां जगपुरा, भूकिया, देलवाड़ा और पंच माहुरी में 12 ब्लॉक चिन्हित हैं। इसके अलावा उदयपुर के डगोचा में 4, डूंगरपुर के भारकुंदी में 1 और दौसा के ढाणी बसेड़ी में 1 ब्लॉक शामिल हैं।
राज्य में मिले गोल्ड भंडारों की अनुमानित कीमत 1.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है। देश में बिहार 44 फीसदी के साथ पहले तो राजस्थान 25 फीसदी गोल्ड भंडारों के साथ दूसरे स्थान पर है।
Updated on:
04 Dec 2025 07:55 am
Published on:
04 Dec 2025 07:55 am
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