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Rajasthan Monsoon: बंगाल की खाड़ी में बन गया ऐसा तंत्र, 72 घंटे बेहाल करेगा मानसून, भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी

Weather Alert Rajasthan: मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक ने बताया कि उत्तरी राजस्थान एवं हरियाणा के आस पास के क्षेत्रों पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव बन गया है।
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जयपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 2 Sep 2025, 9:37 PM IST

Monsoon Update Rajasthan

फाइल फोटो- पत्रिका

Heavy Rainfall Rajasthan: राजस्थान में भारी वर्षा का दौर जारी हैं और पिछले चौबीस घंटों में राजधानी जयपुर सहित कई क्षेत्रों में भारी बरसात दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वहीं इस बार अब तक 602.88 मिलीमीटर औसत वर्षा हो चुकी है जो सामान्य से 62.64 प्रतिशत अधिक है।

दौसा में सर्वाधिक बारिश

जल संसाधन विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में सुबह साढ़े आठ बजे तक प्रदेश में सर्वाधिक 177 मिलीमीटर बरसात दौसा में दर्ज की गई है। इसी तरह जयपुर के कोटखावदा में 160, दौसा जिले लालसोट में 125, नीरझरना में 111, रामगढ़ पचवाड़ा 100, मोरेल डेम 73, भांडारेज में 73, सिकराय में 66 एवं बैजुपाड़ा में 65 मिलीमीटर बारिश हुई हैं।

इसके अलावा जयपुर में 88, तुंगा में 86, रामगढ़ डेम एवं जमवारामगढ़ में 71-71, अजमर में रुपनगढ़ में 86, भरतपुर के नदबई में 75, भीलवाड़ के बागोर में 98, मेजा डेम 94 एवं कोटड़ी में 70, डीग के जनुथर में 77, डीडवाना-कुचामन के परबतसर में 92, झालावाड़ के मनोहरथना में 93 एवं करौली के टोडाभीम में 74 मिलीमीटर वर्षा हुई।

पश्चिमी राजस्थान में भी चेतावनी

मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उत्तरी राजस्थान एवं हरियाणा के आस पास के क्षेत्रों पर परिसंचरण तंत्र बना हुआ है और उत्तरी बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव बन गया, जिससे आगामी 48 घंटों में वर्षा में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है और कोटा, जयपुर एवं भरतपुर संभाग में तीन से पांच सितंबर तक कहीं-कहीं भारी एवं अतिभारी बारिश होने की संभावना है। इसी तरह पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर एवं उदयपुर संभाग एवं दक्षिणी क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। विभाग में कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

602.88 मिलीमीटर बरसात

जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में दो सितंबर तक अनुमानित सामान्य वर्षा 370.69 के मुकाबले अब तक 602.88 मिलीमीटर बरसात हो चुकी जो सामान्य से 62.64 प्रतिशत अधिक हैं, जबकि पिछले साल इस दौरान पिछली साल 556.49 मिलीमीटर बरसात हुई थी। इस बार अब तक 22 जिलों में असामान्य एवं 17 जिलों में सामान्य से अधिक और केवल दो जिले बाड़मेर एवं सलूंबर ऐसे हैं, जहां सामान्य वर्षा हुई हैं शेष सभी जिलों में सामान्य से अधिक बरसात हो चुकी है।

टोंक में सर्वाधिक बारिश

इस बार अब तक प्रदेश में 22 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से 60 प्रतिशत से अधिक बरसात हो चुकी है, इनमें आठ जिलों डीडवाना कुचामन, टोंक, हनुमानगढ़, गंगानगर, सीकर, जोधपुर, बारां एवं बूंदी में सामान्य से सौ प्रतिशत से भी ज्यादा बरसात हो चुकी है। इनमें सर्वाधिक टोंक जिले में सामान्य वर्षा 513.11 के मुकाबले अब तक 1124.93 मिलीमीटर बरसात हो चुकी जो सामान्य से 119.24 प्रतिशत अधिक है।

इन 22 जिलों में अजमेर, बालोतरा, बारां, ब्यावर, बूंदी, चुरु, दौसा, धौलपुर, डीडवाना-कुचामन, गंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनूं , जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, फलौदी, सवाईमाधोपुर, सीकर एवं टोंक जिला शामिल हैं, जबकि सामान्य से अधिक वर्षा वाले 17 जिलों में अलवर, बांसवाड़ा, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, डीग, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, खेरथल-तिजारा, कोटपुतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सिरोही एवं उदयपुर जिला शामिल हैं।

384 बांध लबालब

राज्य के छोटे बड़े 693 बांधों में अब तक 384 बांध लबालब हो चुके हैं और 193 बांध आंशिक रुप से भर चुके हैं। हालांकि इतनी बरसात के बावजूद अब तक 116 बांध खाली बताये जा रहे हैं। बांधों की कुल भराव क्षमता 13029.0291 एमक्यूएम की तुलना में 11130.185 एमक्यूएम पानी आ चुका है जो भराव क्षमता का 85.43 प्रतिशत है। गत वर्ष इन बांधों में इस दौरान 9530.080 एमक्यूम पानी था जो भराव क्षमता का 73.14 प्रतिशत था।