18 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घोषणा के बाद भी क्यों नहीं मिला महिलाओं को 50% आरक्षण? शिक्षा विभाग में 1.50 लाख पद खाली, जूली ने बजट को बताया सबसे ‘नीरस’

टीकाराम जूली ने विधानसभा में बजट को सबसे नीरस बताते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने शिक्षा-स्वास्थ्य बजट में कटौती, 1.5 लाख रिक्त पद, बढ़ते कर्ज और विकास कार्यों में 40% कमी का आरोप लगाया। योजनाओं की स्थिति पर भी जवाब मांगा।

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

Arvind Rao

Feb 18, 2026

Rajasthan Budget 2026
Play video

TikaRam Jully (Patrika Photo)

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री दीया कुमारी के जवाब से पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य बजट को अब तक का सबसे नीरस बजट बताते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि बजट भाषण के दौरान कई मंत्री तक गंभीरता नहीं दिखा रहे थे।

टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि बजट फ्रेंच भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला, लेकिन आपने तो थैले का रंग भगवा कर दिया। जूली ने कहा कि शिक्षा विभाग में करीब 1.50 लाख पद खाली पड़े हैं।

स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए सरकार ने हाईकोर्ट में 20 हजार करोड़ की आवश्यकता बताई थी, जबकि बजट में मात्र 500 करोड़ भर्ती में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण की घोषणा भी अब तक लागू नहीं हुई है। चिकित्सा शिक्षा का बजट घटाया गया है। शिक्षा बजट 18.2 से घटाकर 17.1 फीसदी और स्वास्थ्य बजट 8.4 से घटाकर 8.1 फीसदी कर दिया गया है।

योजनाओं और भर्तियों पर घेरा

जल जीवन मिशन में केंद्र से प्राप्त राशि पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। ईआरसीपी, रिफाइनरी और 1000 इलेक्ट्रिक बसों की घोषणा की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। सफाई कर्मियों की भर्ती लंबित है और संविदा कर्मियों को नियम 2022 के तहत समायोजित नहीं किया गया।

बढ़ता कर्ज और विकास में कटौती

उन्होंने कहा कि दो वर्षों में सरकार ने उतना कर्ज ले लिया, जितना पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच साल में लिया था। राजकोषीय घाटा कम करने के नाम पर विकास कार्यों में 40 प्रतिशत कटौती की गई है।