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Rajasthan Budget: घुमंतु बच्चों की शिक्षा के नई योजना, 17895 आंगनबाड़ी केंद्रों को लेकर भी बड़ी घोषणा

राजस्थान बजट 2026-27: घुमंतु बच्चों के लिए स्कूल ऑन व्हील्स, 7500 नंद घर, एआई लैब और 18 हजार आंगनबाड़ी को बिजली। जानें सभी योजनाएं।

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What are expectations of Rajasthan 8 crore people from budget 2026 read ground report

फाइल फोटो पत्रिका

जयपुर। वित्त मंत्री दीया कुमारी ने बजट 2026 में घुमंतु और अर्ध घुमंतु परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। इसके साथ ही आंगनबाडी केंद्रों को 'नंद घर' के रूप में विकसित करने की घोषणा की है।

वित्त मंत्री के अनुसार गाड़िया लुहार और मजदूर वर्ग के ऐसे परिवार जो जीविका के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते रहते हैं, उनके बच्चों को औपचारिक शिक्षा उपलब्ध कराना भजनलाला सरकार का उद्देश्य है।

घुमंतु बच्चों के लिए स्कूल

इस पहल के तहत 'राज पहल' पोर्टेबल एक्सेस फॉर होलिस्टिक एंड असिस्टेड लर्निंग कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक जिले में एक 'स्कूल ऑन व्हील्स' यानी जादुई पिटारा स्थापित किया जाएगा। यह चलती-फिरती कक्षाएं उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाएंगी जो अपने परिवार के साथ लगातार एक जगह से दूसरी जगह जाते रहते हैं।

इसके अलावा प्रवासी आबादी वाले क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे और शैक्षणिक संभागों पर छह महीने के स्कूल कैंप आयोजित किए जाएंगे।

भाषा सुधार के लिए विशेष प्रयास

गणित और भाषा में सुधार के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों में भाषा और गणित के लर्निंग गैप को पूरा करने के लिए प्रदेश के 1,000 विद्यालयों में एआइ आधारित पर्सनलाइज्ड लैब स्थापित की जाएंगी। यह स्मार्ट लर्निंग इकोसिस्टम प्रत्येक बच्चे को उनकी जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत सहायता उपलब्ध कराएगा।

आंगनबाड़ियों के लिए दिया बजट

बाल विकास के क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं की गई हैं। प्रदेश की 7,500 आंगनबाड़ियों को आधुनिक 'नंद घर' के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए 225 करोड़ रुपए का प्रावधान है। पहली बार 17,895 आंगनबाड़ी केंद्रों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। साथ ही 11,924 केंद्रों की मरम्मत के लिए 246 करोड़ रुपए के काम प्रगति पर हैं।

आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए IIT दिल्ली के सहयोग से बच्चों और किशोरियों के लिए 24 घंटे चलने वाली एआइ आधारित लाइव मेंटरिंग सेवा शुरू की जाएगी। प्रदेश के सभी 27 एस्पिरेशनल ब्लॉक्स में अब किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषाहार मिलेगा, जिससे 50,000 से अधिक बालिकाएं लाभान्वित होंगी।

भरतपुर और कोटा में 'महिला अधिकारिता एवं बाल संकुल परिसर' बनाए जाएंगे, जहां एक ही छत के नीचे विभाग की सभी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त जामडोली स्थित बाल गृह की क्षमता 125 से बढ़ाकर 250 की जाएगी।