21 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान के ‘रिटायर’ हो रहे चीफ सेक्रेटरी वी श्रीनिवास को ‘एक्सटेंशन’, आखिर क्या है ‘डबल इंजन सरकार’ से सेवा विस्तार की वजह?

Rajasthan Bureaucracy News: राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को केंद्र से 6 महीने का सेवा विस्तार मिला। जानिए 28 फरवरी 2027 तक पद पर बने रहने की 5 बड़ी वजहें और राजनीतिक मायने।
3 min read
Google source verification
rajasthan chief secretary v srinivas gets 6 month extension

Rajasthan Chief Secretary V Srinivas - File PIC

राजस्थान की प्रशासनिक व्यवस्था और ब्यूरोक्रेसी में चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग चुका है। केंद्र सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय (DoPT) ने 1989 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और राजस्थान के वर्तमान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को 6 महीने का सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव पर अपनी आधिकारिक मुहर लगा दी है। 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे वी. श्रीनिवास अब 1 सितंबर 2026 से लेकर 28 फरवरी 2027 तक राजस्थान के मुख्य सचिव पद पर अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 23 जुलाई 2026 को भेजे गए आधिकारिक प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार ने All India Services (DCRB) Rules, 1958 के नियम 16(1) के तहत यह आदेश जारी किया है। इस फैसले के बाद प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता बनी रहेगी और नए मुख्य सचिव की तलाश में जुटी प्रशासनिक गलियारों की चर्चाएं फिलहाल शांत हो गई हैं।

केन्द्र सरकार के अवर सचिव राजेश कुमार यादव के हस्ताक्षरों से जारी इस पत्र की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राजस्थान के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) तथा बीकानेर हाउस स्थित रेजीडेंट कमिश्नर को प्रेषित की जा चुकी है।

सरकार ने क्यों दिया एक्सटेंशन?

राजस्थान ब्यूरोक्रेसी और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल सबसे अहम है कि आखिर केंद्र और राज्य सरकार ने वी. श्रीनिवास पर ही दोबारा भरोसा क्यों जताया? इसके पीछे 5 बड़ी मुख्य वजहें और राजनीतिक मायने सामने आ रहे हैं-

1. स्थानीय निकाय एवं पंचायत चुनावों की तैयारी

      राजस्थान में आगामी समय में शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थानों के चुनाव प्रस्तावित हैं। चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शीर्ष स्तर पर अनुभवी प्रशासनिक नेतृत्व की निरंतरता जरूरी मानी गई।

      2. 'राइजिंग राजस्थान' निवेश समझौतों का क्रियान्वयन

      राज्य सरकार द्वारा आयोजित 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' के दौरान करीब 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू और निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए थे। इन बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर उतारने और विभिन्न विभागों से clearances दिलाने में सीएस वी. श्रीनिवास की मुख्य भूमिका है।

      3. केंद्र और राज्य के बीच मजबूत कोऑर्डिनेशन

      दिल्ली में 7 साल से अधिक समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे चुके वी. श्रीनिवास की केंद्रीय मंत्रालयों में मजबूत पकड़ है। केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए केंद्र से फंड समय पर जारी करवाने में उनका यह अनुभव काफी कारगर साबित हो रहा है।

      4. कार्यपालिक और विधायी संतुलन

      नवंबर 2025 में कार्यभार संभालने के बाद से उन्होंने ब्यूरोक्रेसी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच एक बेहतर तालमेल बिठाया है। प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल गवर्नेंस को गति देने के मामले में उनका ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छा रहा है।

      5. सिनियोरिटी और विवाद-रहित कार्यशैली

      35 साल लंबे प्रशासनिक करियर में वी. श्रीनिवास हमेशा विवादों से दूर रहे हैं। पाली और जोधपुर के कलेक्टर रह चुके श्रीनिवास राजस्थान के जमीनी मुद्दों की भी गहरी समझ रखते हैं।

        क्या पहले भी मिला है राजस्थान के मुख्य सचिव को एक्सटेंशन?

        राजस्थान के प्रशासनिक इतिहास में किसी मुख्य सचिव को सेवा विस्तार मिलना कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को भी केंद्र सरकार द्वारा 6 महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। वे जून 2023 में सेवानिवृत्त होने वाली थीं, लेकिन केंद्र की मंजूरी के बाद वे दिसंबर 2023 तक पद पर बनी रही थीं। अब मौजूदा भाजपा सरकार के समय में भी वरिष्ठ आईएएस वी. श्रीनिवास को यही अवसर मिला है।

        एक्सटेंशन न मिलता, तोकौन संभालता कमान ?

        यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देती, तो राज्य कैडर के अगले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के बीच मुख्य सचिव बनने की दौड़ शुरू हो जाती। हालांकि, 1988 बैच के वरिष्ठ अधिकारी सुबोध अग्रवाल के दिसंबर में सेवानिवृत्त होने के बाद से वी. श्रीनिवास ही कैडर के सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं।

        अब अगला बदलाव कब होगा?

        केंद्र के इस फैसले के बाद अब राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में शीर्ष स्तर पर अगला बड़ा बदलाव 28 फरवरी 2027 के बाद ही देखने को मिलेगा। तब तक मौजूदा नीतियों और फ्लैगशिप योजनाओं का क्रियान्वयन इसी प्रशासनिक टीम की देखरेख में चलेगा।