
Divyakriti Singh
दिव्यकृति सिंह, एक ऐसा नाम जिसने राजस्थान का गौरव बढ़ाया है। दिव्यकृति सिंह (23 वर्ष) ने हांगझाउ एशियन गेम्स 2023 में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। वह भारतीय घुड़सवारी ड्रेसाज टीम की सदस्य रहीं हैं। देश को घुड़सवारी में 41 साल के लंबे अंतराल के बाद यह सम्मान मिला है। उनकी इस सफलता को देखते हुए खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2023 के तहत दिव्यकृति सिंह को Arjuna Award देने की घोषणा की है। वह सबसे कम उम्र में Arjuna Award से सम्मानित होने वाली घुड़सवार बनीं हैं। इस अंतरराष्ट्रीय ड्रेसेज राइडर का जन्म जयपुर में हुआ था। इनके पिता का नाम विक्रम सिंह राठौड़ है, यह राजस्थान पोलो संघ से जुड़े हुए हैं।राष्ट्रपति भवन में नए साल 2023 की 9 जनवरी की तारीख को यह अवार्ड दिया जाएगा।
देश की पहली महिला घुड़सवार जिन्हें मिलेगा अर्जुन अवॉर्ड
घुडसवारी खेल में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित होने वाली दिव्यकृति देश की पहली महिला घुड़सवारी की खिलाड़ी हैं। दिव्यकृति का जन्म 22 अक्टूबर 1999 को जयपुर में हुआ था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मेयो कॉलेज गर्ल्स स्कूल,अजमेर, राजस्थान से पूरी की। दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज से स्नातक (मनोविज्ञान) की पढ़ाई की है। दिव्यकृति विक्रम सिंह राठौड़ और अलका तेजसिंह की बेटी हैं। उनके एक बड़े भाई दिग्विजय सिंह हैं।
यह भी पढ़ें - Rajasthan : गर्भवती महिलाओं के लिए जबरदस्त योजना, घर बैठे मिलेंगे 6 हजार रुपए, जल्द कराएं Registration
देश का मान बढ़ाया
देश को घुड़सवारी में 41 साल के लंबे इंतजार के बाद दिव्यकृति सिंह ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया है। 2022 में जब उनका एशियन गेम्स में चयन नहीं हुआ तो वो काफी टूट गई थीं। पर उन्होंने इसे चुनौती के तौर पर लिया। जबरदस्त प्रेक्टिस शुरू की। अंतत: देश का मान एशियाई देशों में अव्वल लाने में सफल हो गई।
यह भी पढ़ें - पूरी दुनिया में राजस्थानी भाषा बोलने वाले 12 करोड़, क्या अब डबल इंजन BJP सरकार में मिलेगी मान्यता?
Updated on:
22 Dec 2023, 3:01 PM IST
Published on:
22 Dec 2023, 2:46 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.